Gujarat: डिप्टी सीएम नितिन पटेल बोले- मैं नाराज नहीं हूं, बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और रहूंगा चाहे कोई पद मिले या नहीं
पहली बार विधायक बने बीजेपी के विधायक भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) आज गुजरात (Gujarat) के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. इस पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता नितिन पटेल ने कहा “नए मुख्यमंत्री नहीं चुने जाने पर मैं बिल्कुल नाराज़ नहीं हूं. मैं 18 साल से जन संघ से लेकर आज तक बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और रहूंगा.
अहमदाबाद: पहली बार विधायक बने बीजेपी (BJP) के विधायक भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) आज गुजरात (Gujarat) के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. इस पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता नितिन पटेल (Nitin Patel) ने कहा “नए मुख्यमंत्री नहीं चुने जाने पर मैं बिल्कुल नाराज़ नहीं हूं. मैं 18 साल से जन संघ से लेकर आज तक बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और रहूंगा. कोई जगह मिले या नहीं, बो बड़ी बात नहीं है लोगों का प्रेम और सम्मान मिले वही बड़ी बात है.” गुजरात BJP अध्यक्ष से पटरी मेल नहीं खा रही थी, कोरोना के मिस-मैनेजमेंट से PM मोदी भी थे नाराज, ये हैं विजय रूपाणी की कुर्सी छिनने के 5 बड़े कारण
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन पटेल ने कहा “पार्टी ने मुझे इतना बड़ा स्थान दिया है और इतनी बड़ी जिम्मेदारी से मुझे बड़ा बनाया है तो पार्टी और किसी को भी मेरी जरूरत होगी तो मैं उनके लिए हमेशा तैयार रहूंगा. इंसान काम करके लोगों का दिल जीतकर ही बड़ा बन सकता है.”
उन्होंने आगे कहा भूपेंद्र पटेल मेरे पुराने मित्र हैं. उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते देखकर हमें खुशी होगी. भूपेंद्र पटेल विजय रूपाणी (Vijay Rupani) की जगह लेंगे जिन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव से 15 महीने पहले शनिवार को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था.
I'm not upset (on the party naming Bhupendra Patel as CM). I've been working in BJP since I was 18 & will keep on working. Whether I get a position in the party or not, I will continue serving in the party: Gujarat Dy CM Nitin Patel pic.twitter.com/FOmMeCIU1O
— ANI (@ANI) September 13, 2021
59 वर्षीय पटेल अपराह्न 2:20 बजे राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. पहली बार के विधायक पटेल का नाम शीर्ष पद के लिए सामने आने पर कई लोगों को हैरानी हुई क्योंकि राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के लिए जिन नामों की अटकलें चल रही थी, उनमें कहीं भी उनका नाम नहीं था.
पटेल इससे पहले राज्य सरकार में मंत्री भी नहीं रहे, जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 साल पहले गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले कभी मंत्री नहीं रहे थे. मोदी को सात अक्टूबर, 2001 मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी थी और वह राजकोट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर 24 फरवरी, 2002 को विधायक चुने गये थे.
पटेल को मृदुभाषी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने नगरपालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है. पटेल 2017 के विधानसभा चुनाव में राज्य की घाटलोडिया सीट से पहली बार चुनाव लड़े थे और जीते थे. उन्होंने कांग्रेस के शशिकांत पटेल को एक लाख से अधिक वोटों से हराया था, जो उस चुनाव में जीत का सबसे बड़ा अंतर था.
सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारी और अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से पुकारे जाने वाले पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है. वह जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वो गांधीनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सांसद हैं.
गुजरात में पाटीदार जाति का वर्चस्व है और बड़ी संख्या में मतदाता इसी जाति के हैं. रूपाणी बीजेपी शासित राज्यों में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान पद छोड़ने वाले चौथे मुख्यमंत्री हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2021 12:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

