सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर कसा तंज, बोलीं- गंगा सागर के बुनियादी ढांचे और विकास के लिए हम नहीं लेते हैं किसी से कोई पैसा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Photo Credits: ANI)

कोलकाता: प्रयागराज (Prayagraj) में लगने वाले कुंभ मेले (Kumbh Mela) पर दुनिया भर की निगाहें टिकी होती है और इसमें शिरकत करने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी भारी तादात में लोग प्रयागराज का रुख करते हैं. कुंभ मेले का आयोजन बहुत भव्य और विशाल होता है, इसके विपरित पश्चिम बंगाल (West Bengal) के गंगा सांगर मेले (Ganga Sagar Mela) में भी आस्था की डुबकी लगाने के लिए जन सैलाब उमड़ता है. गंगा सागर मेला भी कुंभ मेले की तरह ही विख्यात है. यहां मकर संक्रांति के दौरान भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. कोलकाता में बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने गंगा सागर मेले को लेकर  केंद्र सरकार पर तंज कसा.

ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government) कुंभ मेले के लिए बहुत सारे फंड देती है, लेकिन गंगा सागर मेला भी कुंभ मेले से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि हम गंगा सागर के बुनियादी ढांचे और उसके विकास के लिए किसी से कोई पैसा नहीं लेते हैं.

गंगा सागर के लिए नहीं लेते हैं किसी से कोई पैसा-

इसके साथ ही उन्होंने गंगा सागर की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा ऐलान भी किया है. उन्होंने  कहा कि हम कल से से 17 जनवरी तक गंगा सागर की यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 5 लाख रुपए का बीमा कवर प्रदान कर रहे हैं.

गंगा सागर की यात्रा करने वालों को 5 लाख का बीमा-

दरअसल, गंगा सागर मेला को गंगा सागर यात्रा या गंगा स्नान के रूप में भी जाना जाता है. मकर संक्रांति के दौरान बंगाल की खाड़ी में विलीन होने से पहले गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भारी ताताद में श्रद्धालु सागर द्वीप पर पहुंचते हैं. यह भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, कहा- क्या आप पाकिस्तान के राजदूत हैं?

गौरतलब है कि 13 जनवरी से 15 जनवरी तक यहा गंगा सागर मेले का आयोजन किया जाता है. यह मेला मकर संक्राति से एक दिन पहले शुरू होता है और संक्रांति के एक दिन बाद समाप्त होता है. पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर मकर संक्रांति के दिन लाखों हिंदू तीर्थयात्री आस्था की डुबकी लगाते हैं.