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गुजरात राज्यसभा चुनाव: दोनों सीटें बीजेपी को मिलनी तय, जानिए कैसे

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पार्टी के ओबीसी सेल के सदस्य जुगल किशोर ठाकुर को गुजरात की राज्यसभा की खाली हुई दोनों सीटें मिलनी पक्की हासिल करने की ओर अग्रसर हैं. सत्तारूढ़ दल को कुल 105 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 70 मत मिले, जिसमें निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी का मत भी शामिल है.

गुजरात राज्यसभा चुनाव: दोनों सीटें बीजेपी को मिलनी तय, जानिए कैसे
अमित शाह (Photo Credit: Twitter @BJP4India)

गांधीनगर. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पार्टी के ओबीसी सेल के सदस्य जुगल किशोर ठाकुर को गुजरात की राज्यसभा की खाली हुई दोनों सीटें मिलनी पक्की हासिल करने की ओर अग्रसर हैं. सत्तारूढ़ दल को कुल 105 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 70 मत मिले, जिसमें निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी का मत भी शामिल है. केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और स्मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने से खाली हुईं राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान शुक्रवार को शाम चार बजे समाप्त हुआ. दो सीटों के लिए एक ही मतदान केंद्र पर अलग-अलग भागों में सुबह नौ बजे से मतदान जारी रहा. निर्वाचन आयोग के फैसले के अनुसार, अलग-अलग मतदान हुए.

चूंकि ये उपचुनाव थे और अमित शाह व स्मृति ईरानी ने अलग-अलग तारीखों में इस्तीफा दिया था, इसलिए चुनाव आयोग की ओर से दोनों सीटों के चुनाव अलग-अलग आयोजित किए गए थे. जबकि कांग्रेस ने संयुक्त चुनाव की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी, जिसे ठुकरा दिया गया. यह भी पढ़े-गुजरात राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के बाद अल्पेश ठाकोर ने छोड़ी कांग्रेस, कहा- राहुल गांधी ने कुछ नहीं किया

कुल 100 विधायकों की अपनी ताकत के आधार पर, भाजपा के दोनों उम्मीदवार- विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उत्तर गुजरात के ओबीसी सेल के सदस्य जुगल किशोर ठाकुर की जीत एक पूर्व निष्कर्ष था. अगर चुनाव एक साथ होते तो भाजपा और कांग्रेस को पहली वरीयता के आधार पर एक-एक सीट मिलती. मगर वर्तमान स्थिति में विधायकों ने दो बार मतदान किया.

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दावा किया कि भाजपा को एकमात्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक कांधल जडेजा के साथ ही भारतीय जनजातीय पार्टी के दो व जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के पूर्व नेता छोटूभाई वसावा के भी वोट मिले. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब भाजपा से हाथ मिला लिया, उसके बाद वसावा ने जदयू से नाता तोड़ लिया. कांग्रेस के बागी विधायक अल्पेश ठाकुर और उनके समर्थक धवल सिंह झाला ने भी भाजपा उम्मीदवारों के लिए वोट डालने की जानकारी दी.

इस तरह भाजपा को अपने 100 विधायकों के वोट मिलने के साथ ही बीटीपी के दो, एसीपी का एक और कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट मिले.

वहीं, कांग्रेस को अपने विधायकों के 69 मतों के अलावा एक मत मेवाणी का मिला. 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में कुल सात सीटें खाली हैं. इनमें से चार विधायक लोकसभा के लिए चुन लिए गए, जबकि तीन अयोग्य थे.

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता चंद्रिका चूड़ासमा और दक्षिण गुजरात से गौरव पांड्या को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था.

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास पर्याप्त ताकत है और मुझे यकीन है कि हमारे दोनों उम्मीदवार आराम से जीतेंगे."

विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर रूपाणी ने इस आरोप का मजाक उड़ाया और कहा, "यह कांग्रेस है जिसे इन सब बातों का डर है, क्योंकि उन्होंने अपने विधायकों का विश्वास खो दिया है और अपने सदस्यों को किसी रिसॉर्ट में ले जाना पड़ा. हमें कोई चिंता नहीं है. हमारे पास संख्या है. हम कभी भी विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल नहीं होते."

विधायकों की खरीद-फरोख्त और क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने पहले की योजना को रद्द करते हुए हुए 71 विधायकों में से 60 को राजस्थान के माउंट आबू के बजाय उत्तरी गुजरात के पालनपुर स्थित एक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहराया था.

(IANS इनपुट के साथ)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2019 08:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).