रूसी जनरल को यूक्रेन ने मारने का दावा किया है
रूस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की हत्या को यूक्रेनी खुफिया सेवा ने अपनी कार्रवाई बताया है.
रूस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की हत्या को यूक्रेनी खुफिया सेवा ने अपनी कार्रवाई बताया है. मंगलवार सुबह एक स्कूटर में धमाके से हुई जनरल इगोर किरिलोव और उनके सहयोगी की मौत.लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव रूसी सेना के रासायनिक हथियारों की ईकाई के प्रमुख थे. रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मारे गए जनरलों में वह सबसे वरिष्ठ थे. मंगलवार सुबह जब वे दफ्तर जा रहे थे, तभी उनकी अपार्टमेंट बिल्डिंग के पास एक स्कूटर में छिपा कर रखे बम के धमाके से उनकी मौत हुई. इसके एक दिन पहले ही यूक्रेन की खुफिया सेवा ने उन पर आपराधिक आरोप लगाए थे.
एक यूक्रेनी अधिकारी का कहना है कि यूक्रेनी खुफिया सेवा ने उनकी हत्या की है. इस हमले में उनके सहयोगी की भी मौत हो गई. रूसी मीडिया के मुताबिक हमले में इस्तेमाल हुए बम में रिमोट कंट्रोल के जरिए धमाका किया गया. रूस की शीर्ष जांच एजेंसी का कहना है कि वह इस मामले को आतंकवाद के मामले की तरह देख रही है. रूसी अधिकारियों ने यूक्रेन को सजा देने की बात कही है.
54 साल के इगोर किरिलोव पर कई देशों ने प्रतिबंध लगा रखा था. इसमें ब्रिटेन और कनाडा भी शामिल हैं. ब्रिटेन ने कहा है कि वह किरिलोव की मौत पर मातम नहीं मनाएगा. यूक्रेनी खुफिया एजेंसी एसबीयू ने किरिलोव के खिलाफ एक आपराधिक जांच शुरू की थी. किरिलोव पर प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए निर्देश देने के आरोप लगाए गए.
एसबीयू के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि किरिलोव एक, "युद्ध अपराधी थे और पूरी तरह से वैध निशाना." एसबीयू के अधिकारी ने एक वीडियो भी दिखाया और कहा कि यह बम धमाके के समय का है. इसमें दो लोगों को धमाके से ठीक पहले इमारत से निकलते देखा जा सकता है.
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रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप
एसबीयू का कहना है कि उसने 4,800 से ज्यादा ऐसे मौके दर्ज किए हैं, जब रूस ने फरवरी 2022 में शुरू हुए युद्ध के दौरान रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया. इसी साल मई में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसने यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ क्लोरोपिसरिन के इस्तेमाल को दर्ज किया है. क्लोरोपिसरिन एक जहरीली गैस है जो पहली बार प्रथम विश्वयुद्ध में इस्तेमाल हुई थी.
रूस ने यूक्रेन में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया और उल्टा यूक्रेन पर ही टॉक्सिक एजेंटों के इस्तेमाल का आरोप लगाया. 2017 में केमिकल वेपंस यूनिट के प्रमुख के पर आसीन हुए किरिलोव इस तरह के आरोप झेलने वाले शीर्ष अधिकारी हैं. उन्होंने कई बार अपनी ब्रीफिंग में यूक्रेनी सेना पर टॉक्सिक एजेंट इस्तेमाल करने और रेडियोधर्मी पदार्थों से हमले की तैयारी करने के आरोप लगाए. यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने इन दावों को दुष्प्रचार कह कर खारिज कर दिया.
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यूक्रेन के निशाने पर रूसी अधिकारी
लगभग तीन साल साल से चले आ रहे संघर्ष में यूक्रेन रूसी अधिकारियों और पूर्व यूक्रेनी अधिकारियों को मारने के दावे करता रहा है. यूक्रेन का कहना है कि ये वो लोग हैं जिन्होंने रूसी सैन्य अभियान में सहयोग दिया है.
रूस को चौंकाने वाली पहली कार्रवाई थी, अगस्त 2022 में राष्ट्रवादी दरया दुगिना की हत्या. दरया आल्केसांद्र दुगिन की बेटी थी. 29 साल की दुगिना की मॉस्को में उनकी कार को बम से उड़ा कर हत्या की गई थी. बहुत से लोगों का मानना है कि निशाने पर उनके पिता थे. रूस ने इस हत्या के लिए यूक्रेन को दोषी ठहराया. यूक्रेन ने इससे ना तो इनकार किया ना ही इसकी जिम्मेदारी ली.
अप्रैल 2023 में क्रेमलिन समर्थक मिलिट्री ब्लॉगर व्लादलेन टाटार्स्की की हत्या कर दी गई. उनका असल नाम माक्सिम फोमिन था. सेंट पीटर्सबर्ग के एक कैफे मे उन्हें एक मूर्ति दी गई जिसमें विस्फोट हुआ और उनकी मौत हो गई. रूस में 26 साल की दरिया ट्रेपोवा को इस हत्या के लिए 27 साल के कैद की सजा सुनाई गई.
रूस का कहना था कि दरिया ट्रेपोवा ने यूक्रेन के कहने पर यह हत्या की थी. दरिया के समर्थकों ने कहा कि यूक्रेनी खुफिया सेवा ने उसे फंसाया था. उसे कहा गया कि मूर्ति में रिकॉर्डिंग डिवाइस है. यूक्रेनी खुफिया सेवा के प्रमुख ने आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली. हालांकि इस साल उन्होंने बताया कि मूर्ति में 400 ग्राम विस्फोटक था.
क्रेमलिन समर्थक लेखक और राष्ट्रवादी जखर प्रिलेपिन मई 2023 में एक कार विस्फोट में बुरी तरह घायल हो गए, जबकि उनके पास खड़े एक आदमी की मौत हो गई. यह धमाका मॉस्को से सैकड़ों किलोमीटर दूर निज्नी नोवगोरोद में हुआ था. प्रिलेपिन रूस के जाने माने उपन्यासकार थे और उन्होंने मॉस्को समर्थक अलगाववादियों के साथ यूक्रेन में 2014 में लड़ाई लड़ी थी और यूक्रेन पर 2022 के हमले का समर्थन किया था . यूक्रेन ने उन्हें "असल युद्ध अपराधी" और हमले में शामिल बताया था. हालांकि यूक्रेन ने उन पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली.
पूर्व यूक्रेनी अधिकारी भी बने निशाना
यूक्रेन ने अपने उन पूर्व अधिकारियों पर भी हमले कराए हैं, जिन्होंने अलगाववादियों का समर्थन किया, 2014 में क्राइमिया के रूस में मिला लिए जाने के बाद या फिर 2022 के बाद रूस की तरफ चले गए. क्रेमलिन समर्थक यूक्रेनी राजनेता इल्या कीवा को मॉस्को में पिछले दिसंबर गोली मार दी गई. यूक्रेन ने इसकी जिम्मेदारी ली थी. इसी साल अप्रैल यूक्रेनी खुफिया सेवा के अधिकारी वासिली प्रोजोरोव की कार को भी बम से उड़ा दिया गया लेकिन वो बच गए.
यूक्रेन रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी अधिकारियों की हत्या के दावे करता है. इसमें रूस की ओर से नियुक्त सांसदों, पुलिस प्रमुखों, अभियोजकों और एजेंसियों के प्रमुखों को निशाना बनाया जाता है.
हाल ही में 9 दिसंबर को ओलेनिव्का जेल के पूर्व प्रमुख सर्गे येवसुकोव की दोनेत्स्क में कार धमाके में मौत हुई. पिछले महीने क्राइमिया में एक कार बम धमाके के जरिए नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वालेरी ट्रांकोव्स्की की हत्या कर दी गई.
दूसरे रूसी सैन्य अधिकारी भी यूक्रेन के निशाने पर हैं. किरिलोव की हत्या से पांच दिन पहले ही मीडिया में मिखाइल शात्स्की की हत्या की खबर आई थी. सॉफ्टवेयर डेवलपर शात्स्की ने रूसी क्रूज मिसाइलों के आधुनिकीकरण में मदद दी थी.
एनआर/आरपी (एपी,डीपीए)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2024 11:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

