Odisha Shocker: कोरापुट के मेडिकल कॉलेज में भर्ती पांच मरीजों की मौत, परिजन बोले- गलत इंजेक्शन ने ली जान
ओडिशा के कोरापुट जिले में गलत इंजेक्शन लगने के कारण पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है. आरोप है कि सर्जरी वार्ड में भर्ती पांच मरीजों की गलत इंजेक्शन लगने से मौत हो गई. मामला कोरापुट जिले में स्थित शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज का है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीती रात सर्जरी वार्ड में भर्ती पांच मरीजों की मौत हो गई.
कोरापुट, 4 जून : ओडिशा के कोरापुट जिले में गलत इंजेक्शन लगने के कारण पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है. आरोप है कि सर्जरी वार्ड में भर्ती पांच मरीजों की गलत इंजेक्शन लगने से मौत हो गई. मामला कोरापुट जिले में स्थित शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज का है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीती रात सर्जरी वार्ड में भर्ती पांच मरीजों की मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार, कोरापुट, बोरीगुम्मा, कालाहांडी, सेमिलिगुड़ा, माछरा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों का अस्पताल के आईसीयू और सर्जरी वार्ड में इलाज चल रहा था. बीती रात अचानक 11 बजे के बाद आईसीयू में गंभीर रूप से बीमार मरीजों में से पांच मरीजों की मौत हो गई. मरीज के परिजनों के अनुसार, आईसीयू में ऑपरेशन के बाद मरीज ठीक थे. बाद में उन्हें गलत इंजेक्शन लगाया गया और इसी वजह से उनकी मौत हो गई.
एक परिजन ने बताया कि मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसका ऑपरेशन भी सही तरीके से हुआ, लेकिन बाद में उसे इंजेक्शन दिया गया और इसके बाद हमारे मरीज के हाथों में रिएक्शन होने लगा. थोड़ी देर बाद ही हमारे मरीज की मौत हो गई.
इस घटना के बाद मृतक परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक ने परिजनों के आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि पांच मरीजों की मृत्यु हुई है, जिसमें एक मरीज सर्जरी वार्ड और चार मरीज आईसीयू में भर्ती थे. सर्जरी वार्ड में मृत मरीज की मौत सेप्टिसीमिया बीमारी से संबंधित थी. बाकी चार मरीजों की हालत बहुत गंभीर थी, जिनमें एक कैंसर (अंतिम स्टेज), एक रीढ़ की हड्डी की चोट, एक मानसिक रोगी और एक सड़क दुर्घटना में सिर की चोट वाले मरीज शामिल थे. इन सभी की मृत्यु एक घंटे के भीतर हुई है.
उन्होंने कहा, "मेरे पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर भी यह कहना मुश्किल है कि इलाज में कोई गलती थी, क्योंकि यह विशिष्ट चिकित्सा रिकॉर्ड और परिस्थितियों पर निर्भर करता है. हालांकि, गंभीर हालत वाले मरीजों (जैसे अंतिम स्टेज कैंसर, सिर की चोट, आदि) में मृत्यु का जोखिम पहले से ही अधिक होता है. फिर भी, सटीक निष्कर्ष के लिए विस्तृत जांच जरूरी है. हमारा अगला कदम यही होगा कि सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाए और उसके बाद एक जांच टीम का गठन किया जाएगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2025 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

