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Caste Certificate Online: महाराष्ट्र के लोगों के लिए बड़ी राहत! अब ऑनलाइन मिलेंगे कास्ट और वैलिडिटी सर्टिफिकेट, सरकार ने दी मंजूरी

महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है.अब लोगों को कास्ट सर्टिफिकेट वैलिडिटी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए तहसील ऑफिस के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं. अब सभी को ऑनलाइन सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था की जाएगी.

Caste Certificate Online: महाराष्ट्र के लोगों के लिए बड़ी राहत! अब ऑनलाइन मिलेंगे कास्ट और वैलिडिटी सर्टिफिकेट, सरकार ने दी मंजूरी
Credit-(https://aaplesarkar.mahaonline.gov.in/)

मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है.अब लोगों को कास्ट सर्टिफिकेट वैलिडिटी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए तहसील ऑफिस के चक्कर लगाने की जरुरत नहीं. अब सभी को ऑनलाइन सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था की जाएगी.महाराष्ट्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है.

अब यह दोनों प्रमाणपत्र एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, जिससे नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.ये भी पढ़े:Maharashtra: कार खरीदने वालों को बनाना होगा पार्किंग एरिया सर्टिफिकेट, सरकार ला रही है नया नियम

सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

अब तक जाति और जाति वैधता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नागरिकों को कई दस्तावेजों की पूर्ति करनी पड़ती थी और बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे. इसके बावजूद भी प्रक्रिया में कई अड़चनें आती थीं.लेकिन अब राज्य सरकार की नई योजना से यह सारी परेशानी खत्म होने वाली है.

सरकार ने दी डिजिटल प्रक्रिया को मंजूरी

राज्य सरकार ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेजके सहयोग से एक उन्नत डिजिटल प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया है.इस योजना को सरकार की सिद्धांततः मंजूरी मिल चुकी है और अगले एक महीने में इसे लागू कर दिया जाएगा.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजीलॉकर का होगा इस्तेमाल

नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आवेदन की जानकारी जैसे नाम, पता, मूल निवास, पिता या पति का नाम आदि को आधार कार्ड से लिंक करके सत्यापित किया जाएगा. इसके अलावा डिजीलॉकर जैसे प्लेटफॉर्म का भी समन्वय किया जाएगा जिससे दस्तावेजों की वैधता की जांच हो सकेगी.नई प्रणाली में नागरिकों को केवल एक ही आवेदन करना होगा और उसी के माध्यम से दोनों प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे. यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, जिससे दलालों की भूमिका समाप्त होगी और भ्रष्टाचार की संभावना खत्म हो जाएगी.

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जातियां, भटक्या जातियां, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग के नागरिकों को सरकारी नौकरी, शिक्षा, चुनावी आरक्षण और अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य होता है.इस नई प्रणाली से उन्हें त्वरित और बिना किसी बाधा के प्रमाणपत्र प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2025 02:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).