Rajasthan Weather Update: राजस्थान में समय से पहले गर्मी की दस्तक, बाड़मेर और जयपुर समेत कई जिलों में तापमान 35 डिग्री के पार

राजस्थान में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. मार्च के पहले हफ्ते में ही राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. बाड़मेर और फलोदी जैसे पश्चिमी जिलों में पारा 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिसने आने वाले हफ्तों में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) की आशंका बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, वायुमंडल में आए बदलावों के कारण इस बार गर्मी का प्रभाव जल्दी महसूस किया जा रहा है.

प्रमुख जिलों में तापमान की स्थिति

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाड़मेर (Barmer Weather) में गुरुवार को तापमान 35 डिग्री के स्तर को पार कर गया है. वहीं राजधानी जयपुर में भी धूप की तपिश तेज हो गई है, जिससे दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है. जैसलमेर, बीकानेर और जालौर में भी गर्मी का असर बढ़ने लगा है. सुबह और शाम के समय अभी भी हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, लेकिन दिन के समय तीखी धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.

क्यों बढ़ रही है इतनी जल्दी गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी भारत में किसी मजबूत 'वेस्टर्न डिस्टरबेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय न होने के कारण हवाओं का रुख बदला है. पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाएं राजस्थान के मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ा रही हैं. साथ ही, आसमान साफ रहने और सीधे सूर्य की रोशनी पड़ने के कारण सतह जल्दी गर्म हो रही है, जिससे मार्च की शुरुआत में ही मई जैसा अहसास होने लगा है.

आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अगले 4-5 दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि हो सकती है. हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर 'हीटवेव' की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से पारा बढ़ रहा है, उसे देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में दोपहर के वक्त लू चलने की संभावना जताई गई है.

बदलते मौसम में स्वास्थ्य का रखें ध्यान

अचानक बढ़ती गर्मी के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अधिक पानी पीने की सलाह दी है. दिन के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने और सूती कपड़े पहनने का सुझाव दिया गया है. कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सिंचाई के समय में बदलाव करें ताकि बढ़ती गर्मी का असर फसलों की पैदावार पर न पड़े.