विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक को 31 जुलाई तक कोर्ट में पेश होना होगा, नहीं तो जारी होगा गैर जमानती वारंट
विवादित इस्लामिक धर्मगुरू जाकिर नाइक (Zakir Naik) प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट(PMLA) कोर्ट ने सुनवाई को दौरान 31 जुलाई तक कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है. अगर जाकिर नाइक ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया जाएगा. ईडी ने दिसंबर 2016 में नाइक एवं अन्य के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था
मुंबई: विवादित इस्लामिक धर्मगुरू जाकिर नाइक (Zakir Naik) प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट(PMLA) कोर्ट ने सुनवाई को दौरान 31 जुलाई तक कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है. अगर जाकिर नाइक ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया जाएगा. ईडी ने दिसंबर 2016 में नाइक एवं अन्य के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था. गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत एनआईए की ओर से दाखिल शिकायत का संज्ञान लेने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था. जाकिर नाइक फिलहाल मलेशिया में है.
बता दें कि जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए मलेशिया से बातचीत करना जारी रखेगा. भारत ने यह बयान ऐसे समय दिया जब दो दिन पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनके देश को नाइक का प्रत्यर्पण नहीं करने का अधिकार है क्योंकि जाकिर नाइक ने दावा किया कि उसके खिलाफ भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारतीय न्यायिक प्रणाली की निष्पक्षता पर कभी भी सवाल खड़े नहीं हुए हैं.
Mumbai: Special PMLA court has ordered Zakir Naik to physically appear before it on 31 July. If he doesn't appear, court will issue non bailable warrant against him. An application was filed by ED seeking non bailable warrant against him. (file pic) pic.twitter.com/RlT8niDW5n
— ANI (@ANI) June 19, 2019
गौरतलब हो कि आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं को उकसाने के आरोप में भारतीय एजेंसियों द्वारा वांछित विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक ने कहा था कि वह तबतक भारत नहीं लौटेगा, जबतक उसे निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आश्वस्त नहीं किया जाता. गैर सरकारी संगठन, इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाइक ने एक बयान में कहा था, "मेरे भारत आने की खबर पूरी तरह आधारहीन और झूठी है.
मैं जबतक अनुचित सुनवाई से खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करूंगा, तबतक मेरे भारत लौटने की कोई योजना नहीं है. जब मैं यह महसूस करूंगा कि सरकार उचित और निष्पक्ष है, मैं निश्चित ही अपने देश लौटूंगा.
विवादित धर्म प्रचारक जाकिर नाईक 2016 में सुर्खियों में तब आए, जब इस बात का खुलासा हुआ कि ढाका के चर्चित कैफे पर एक जुलाई 2016 को हमला करने वाले आतंकियों में दो उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे. मारे गए आतंकियों में शामिल बांग्लादेश में सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेता का पुत्र रोहन इम्तियाज ने फेसबुक पर जारी एक संदेश में पीस टीवी के धर्म प्रचारक नाईक का हवाला दिया था, जिसमें नाईक ने सभी मुसलमानों से आतंकी बन जाने का आग्रह किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2019 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

