Lucknow Shocker: लखनऊ में ऑनलाइन गेम की लत बनी जानलेवा! 6वीं के छात्र ने फ्री फायर में 13 लाख रूपए हारने के बाद किया सुसाइड; VIDEO

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: छोटों से लेकर बड़ों तक में ऑनलाइन गेम (Online Game) खेलने की लत है. इस लत (Addiction) के कारण कई लोग लाखों रूपए हार भी चुके है. पैसे हारने के बाद लोगों के आत्महत्या करने की घटनाएं भी सामने आ चुकी है. ऐसी ही एक घटना अब लखनऊ (Lucknow) शहर से सामने आई है.जहांपर एक 6वीं क्लास में पढ़नेवाले नाबालिग ने ऑनलाइन गेम (Online Game) में पैसे हारने के बाद आत्महत्या (Suicide) कर ली. इस घटना के बाद उसके परिजनों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है और वे गहरे सदमे में है.जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ के मोहानलालगंज (Mohanlalganj) में 12 साल का यश कुमार, जो क्लास 6 का छात्र था उसने आत्महत्या कर ली.

पिता का कहना है कि उसने ऑनलाइन गेम फ्री फायर (Game Free Fire) में खेलते हुए अपने पिता के करीब 13 लाख रूपए गंवा दिए थे. जिसके कारण उसके ये भयावह कदम उठाया. ये भी पढ़े:दिन में 10 घंटे खेलता था PUBG, माता-पिता ने डांटा तो कर ली आत्महत्या; Telangana के निर्मल जिले की घटना

गेम की लत बनी जानलेवा

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक़ यश के पिता सुरेश कुमार यादव, जो पेशे से पेंटर हैं, ने दो साल पहले एक जमीन बेचकर पैसे यूनियन बैंक, बिजनौर ब्रांच में जमा किए थे. अकाउंट (Account) घर पर इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबर से जुड़ा था.यश अक्सर उसी फोन से पढ़ाई करता था. इसी दौरान उसने गेमिंग ऐप (Gaming App) से खाता लिंक कर लिया और पिछले एक महीने में धीरे-धीरे 13 लाख रूपए खर्च कर दिए.सोमवार सुबह जब उसके पिता सुरेश इलाज के लिए पत्नी हेतु पैसे निकालने बैंक पहुंचे तो अकाउंट खाली देखकर हैरान रह गए. पासबुक अपडेट करने पर लगातार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Transaction) दर्ज मिले. पूछताछ में यश ने पहले इंकार किया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उसने ही खेलते-खेलते सारे पैसे गंवाए हैं.शाम को ट्यूशन से लौटकर यश अपने कमरे में चला गया. थोड़ी देर बाद जब पिता उसे देखने पहुंचे, तो वह पंखे से लटका हुआ मिला. परिजनों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

पुलिस की जांच

एसीपी (ACP) मोहानलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का है, जो ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) के आर्थिक नुकसान से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और डिजिटल ट्रांजैक्शनों की जांच शुरू कर दी है.

परिवार में छाया मातम

यश परिवार का इकलौता बेटा था.उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया. मां विमला गश खाकर बेहोश हो गईं और बहन गुंजन रो-रोकर बेहाल है. स्कूल प्रबंधन (School Management) ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए 16 सितंबर को छुट्टी दे दी है.

पहले भी हुए ऐसे मामले

यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी लखनऊ (Lucknow) और वाराणसी (Varanasi) में किशोरों (Teenagers) की आत्महत्या ऑनलाइन गेमिंग की लत और आर्थिक नुकसान से जुड़ी हुई पाई गई है. साइबर एक्सपर्ट्स (Cyber Experts) लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अभिभावक बच्चों के फोन पर नज़र रखें, बैंक खातों को लिंक करने से बचें और डिजिटल सीमाएं तय करें.

आत्महत्या रोकथाम के लिए और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर पर मदद के लिए कॉल करें:

Tele Manas (Ministry of Health) – 14416 or 1800 891 4416; NIMHANS – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; Peak Mind – 080-456 87786; Vandrevala Foundation – 9999 666 555; Arpita Suicide Prevention Helpline – 080-23655557; iCALL – 022-25521111 and 9152987821; COOJ Mental Health Foundation (COOJ) – 0832-2252525.