COVID-19: गृह मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों को दिए निर्देश, कहा- जो जहां हैं वहीं रहें
गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि ये मजदूर फंसे हुए राज्यों से बाहर नहीं जा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि जो जहां है वहीं रहे. गृह मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी करके सभी राज्यों को इस बारे में सूचित कर दिया है.
कोरोना (Coronavirus) संकट के चलते देशभर में लॉकडाउन लागू है. लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं. इस बीच गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने निर्देश दिया है कि ये मजदूर फंसे हुए राज्यों से बाहर नहीं जा सकते हैं. गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि जो जहां है वहीं रहे. गृह मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी करके सभी राज्यों को इस बारे में सूचित कर दिया है. गृह मंत्रालय (MHA) राज्य / केंद्र शासित प्रदेश के भीतर फंसे हुए मजदूरों की आवाजाही के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम जारी किया गया है. "मजदूर वर्तमान में जहां रह रहे हैं वहीं रहेंगे. केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के बाहर उनकी किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होगी."
गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा, "अगर प्रवासी कामगारों का कोई समूह जहां वे काम कर रहे हैं उसी राज्य के भीतर अपने काम के स्थानों पर वापस लौटना चाहता है, तो उनकी जांच की जानी चाहिए और जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें उनके काम के स्थानों पर ले जाया जाएगा." यह भी पढ़ें- गृह मंत्रालय का आदेश- ई-कॉमर्स कंपनियों को लॉकडाउन के दौरान गैरजरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी पर छूट नहीं.
एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर प्रतिबंध-
In the event that a group of migrants wish to return to their places of work, within the state where they are presently located, they would be screened and those who are asymptomatic would be transported to their respective places of work: Ministry of Home Affairs (MHA) https://t.co/eLnqOrk6qC
— ANI (@ANI) April 19, 2020
गृह मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा, जो प्रवासी श्रमिक वर्तमान में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में राहत शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ रजिस्टर किया जाना चाहिए और विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए उनकी उपयुक्तता का पता लगाने के लिए उनकी स्किल मैपिंग की जानी चाहिए.
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले मुंबई के बांद्रा में अचानक हजारों मजदूरों की भीड़ अपने राज्यों में जाने की मांग के साथ इकट्ठा हो गई थी. इसके अलावा सूरत और अन्य कई जगहों पर प्रवासी मजदूर अपने राज्यों में जाने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में प्रवासी मजदूरों की समस्या को लेकर केंद्र सरकार के मंत्रियों ने शनिवार को एक बैठक की थी.
बैठक के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके मूल राज्यों में जाने के लिए मना कर दिया है. सरकार ने साफ किया कि लॉकडाउन तक जो जहां है वहीं रहे. गौरतलब है कि देश में लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. पहले लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को खत्म होनी थी लेकिन कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन बढ़ा दिया. पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी घोषणा की.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

