लुधियाना: सिविल अस्पताल के स्टाफ ने पंजाब सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, खराब क्वालिटी के PPE किट और N95 मास्क देने का आरोप
खराब क्वालिटी के पीपीई किट और एन95 मास्क दिए जाने पर आखिरकार लुधियाना के सिविल अस्पताल के स्टाफ का गुस्सा फूट पड़ा. मंगलवार को अस्पताल के स्टाफ ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शामिल डॉ. आदित्य का कहना है कि हमें बेकार क्वालिटी के पीपीई किट और एन95 मास्क दिए जा रहे हैं.
लुधियाना: कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus) के चौथे चरण (Lockdown 4) का आज दूसरा दिन है और देश में संक्रमितों (COVID-19 Patients) की तादात बढ़कर 1 लाख के पार पहुंच गई है. कोरोना से देश में मचे हाहाकार के बीच डॉक्टर (Doctors), नर्स (Nurse), स्वास्थ्यकर्मी (Health Workers) और पुलिसकर्मी (Police Personnel) अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. इन कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) में से कई डॉक्टर, नर्स और पुलिसकर्मी भी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. आलम तो यह है कि अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड-19 संक्रमित मरीजों की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटे इन कोरोना वॉरियर्स को अच्छी क्वालिटी के मास्क और पीपीई किट भी नहीं मुहैया कराए जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में प्रशासन के खिलाफ उनका गुस्सा फूटना लाजमी है.
खराब क्वालिटी के पीपीई किट (PPE Kit) और एन95 मास्क (N95 Mask) दिए जाने पर आखिरकार लुधियाना (Ludhiana) के सिविल अस्पताल (Civil Hospital) के स्टाफ का गुस्सा फूट पड़ा. मंगलवार को अस्पताल के स्टाफ ने पंजाब सरकार (Punjab Government) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शामिल डॉ. आदित्य का कहना है कि हमें बेकार क्वालिटी के पीपीई किट और एन95 मास्क दिए जा रहे हैं. उनका कहना है कि हमें पहले अच्छी क्वालिटी के मास्क दिए जा रहे थे, लेकिन पिछले 10 दिन से खराब क्वालिटी वाले मास्क दिए जा रहे हैं.
डॉक्टरों ने किया विरोध प्रदर्शन
इसकी वजह से हमारे4हेल्थ वर्कर कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि हमें ऐसे मास्क देकर हमारे जिंदगी के साथ न खेले।हमने10दिन पहले लिखित रूप से अपने उच्च अधिकारी को पत्र लिखा था और उसके जवाब में हमें ये बताया गया कि ये मास्कDRDOसे स्वीकृत मास्क है: आदित्य https://t.co/kdjq0zvd1a pic.twitter.com/qnfNIJHeI8
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 19, 2020
उन्होंने कहा कि खराब क्वालिटी वाले मास्क और पीपीई किट की वजह से हमारे 4 हेल्थ वर्कर कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. ऐसे में हम प्रशासन ने अनुरोध करते हैं कि हमें ऐसे मास्क देकर हमारी जिंदगी के साथ खिलवाड़ न करें. हमनें 10 दिन पहले लिखित रूप में अपने उच्च अधिकारी को पत्र लिखा था और वहां से जवाब में हमें ये बताया गया है कि ये मास्क डीआरडीओ से स्वीकृत हैं. यह भी पढ़ें: देश में कोरोना का कोहराम जारी, कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार, अब तक 3,163 लोगों की मौत
गौरतलब है कि भारत में मंगलवार सुबह तक कोरोना संक्रमितो का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंच गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना पीड़ितों की तादात 1 लाख 1 हजार 139 हो गई है, जबकि इस संक्रमण के चलते अब तक 3 हजार 163 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. देश में अभी 58 हजार 802 केस एक्टिव हैं और 39 हजार 174 लोग इलाज के जरिए ठीक हो चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2020 02:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

