लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से रोंगटे खड़े कर देने वाली 'ऑनर किलिंग' (Honor Killing) की घटना सामने आई है. एक पिता ने अपनी ही 16 वर्षीय बेटी, वंदना चौबे (Vandana Chaubey) की गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पिता ने अपनी बेटी की पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया और शव को पड़ोसी जिले बाराबंकी (Barabanki) में सड़क किनारे फेंक दिया. हैरानी की बात यह है कि हत्या करने के बाद आरोपी पिता ने खुद ही पुलिस में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, ताकि वह कानून की नजरों से बच सके. यह भी पढ़ें: Kanpur Double Murder: यूपी के कानपुर में सनसनीखेज वारदात, पिता ने की दो मासूम जुड़वां बेटियों की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार
प्रेम प्रसंग और सामाजिक दबाव बना वजह
पुलिस के अनुसार, हत्या की जड़ें अगस्त 2025 की एक घटना से जुड़ी हैं, जब वंदना अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी. बाद में उसे वापस लाया गया और लड़के को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया गया। जेल से छूटने के बाद भी वंदना ने उस लड़के से संबंध खत्म करने से इनकार कर दिया.
पेशे से बस ड्राइवर पिता विजय कुमार चौबे इस रिश्ते के खिलाफ था और सामाजिक बदनामी के डर से काफी दबाव में था. उसने इस विवाद के कारण कई बार अपना घर भी बदला, लेकिन बेटी के अड़ियल रुख ने उसे इस खौफनाक कदम की ओर धकेल दिया.
साजिश: झांसा देकर शहर से बाहर ले गए
जांच में सामने आया कि विजय चौबे ने अपने साथी अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रची. 13 अप्रैल को उन्होंने वंदना को 'झाड़-फूंक' के बहाने शहर से बाहर ले जाने का लालच दिया। उन्होंने एक गाड़ी किराए पर ली और दूसरे राज्य जाने के बहाने लखनऊ से निकल पड़े.
हत्या और पहचान मिटाने की कोशिश
रात के समय जब वे बाराबंकी के एक सुनसान इलाके में पहुंचे, तो मौका पाकर दोनों ने सोती हुई वंदना का गला घोंट दिया. हत्या के बाद, उन्होंने पहचान छिपाने के इरादे से उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया. आरोपी शुरू में शव को नहर में फेंकना चाहते थे, लेकिन सड़क पर वाहनों की आवाजाही देखकर उन्होंने शव को सड़क किनारे ही छोड़ दिया और फरार हो गए. यह भी पढ़ें: UP: मेरठ में लाइव मर्डर! ₹500 रुपये के लिए युवक को दी खौफनाक सजा, धारदार हथियार से उतारा मौत के घाट
पुलिस की सतर्कता से खुला राज
16 अप्रैल को विजय चौबे ने आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, पुलिस को उसके बयानों में विरोधाभास लगा। जब पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल लोकेशन की जांच की, तो विजय की लोकेशन घटनास्थल के पास पाई गई.
सख्ती से पूछताछ करने पर विजय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि सामाजिक कलंक के डर से उसने यह कदम उठाया. पुलिस ने विजय कुमार चौबे (34) और उसके साथी अब्दुल मन्नान (45) को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.












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