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Post Office Saving Schemes: डाकघर की ये बचत योजना सबसे बेस्ट, बैंकों से भी ज्यादा मिल रहा फायदा

डाकघर (Post Office) द्वारा चलाई जा रही 15 वर्षीय सार्वजनिक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ) एक बेस्ट स्कीम है. वर्तमान में पीपीएफ के लिए ब्याज दर 7.1% वार्षिक (चक्रवृद्धि वार्षिक) है. संपूर्ण देश में डाकघर में केवल एक पीपीएफ खाता खोला जा सकता है.

Post Office Saving Schemes: डाकघर की ये बचत योजना सबसे बेस्ट, बैंकों से भी ज्यादा मिल रहा फायदा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

Best Small Saving Schemes: कोरोना वायरस महामारी ने लोगों को आर्थिक तौर पर बहुत नुकसान पहुंचाया है. हालांकि कोविड-19 ने लोगों को सेविंग की अहमियत भी समझाई है. इसी के तहत हम आपको पोस्ट ऑफिस से जुड़ी कुछ विशेष बचत योजनाओं के बारें में जानकारी देने जा रहे है. दरअसल इंडिया पोस्ट (India Post) निवेशकों के लिए कई जमा विकल्प प्रदान करता है, जिन्हें आमतौर पर डाकघर बचत योजनाओं के रूप में जाना जाता है. वर्तमान में 9 डाकघर बचत योजनाएं चल रही है. इन नौ छोटी बचत योजनाओं में सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC), 5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस टर्म डिपोजिट और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) शामिल हैं. सरकार इन छोटी बचत योजनाओं पर लागू ब्याज दरों को समय-समय पर संशोधित करती रहती है.

डाकघर (Post Office) द्वारा चलाई जा रही 15 वर्षीय सार्वजनिक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ) एक बेस्ट स्कीम है. वर्तमान में पीपीएफ के लिए ब्याज दर 7.1% वार्षिक (चक्रवृद्धि वार्षिक) है. संपूर्ण देश में डाकघर में केवल एक पीपीएफ खाता खोला जा सकता है. Post Office Saving Schemes: डाकघर की किस बचत योजना से मिलेगा बैंकों से भी जादा फायदा? जानिए नई ब्याज दर

पीपीएफ खाता कौन खोल सकता है-

  • एक एकल बालिग जो भारतीय नागरिक हों.
  • नाबालिग / अयोग्य मन के व्यक्ति की ओर से एक अभिभावक.
  • 50 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारी, इस शर्त के अधीन हैं कि सेवानिवृत्ति के लाभ की प्राप्ति के 1 महीने के भीतर निवेश किया जाना है.

जमा करने के नियम-

  • एक वित्तीय वर्ष में जमा करने की न्युनत्तम राशि 500 रुपये व अधिकतम राशि 1.50 लाख रुपये है.
  • वित्त वर्ष में कितनी भी संख्या में किस्तों में 50 रुपये के गुणक में राशि जमा की जा सकती है.
  • खाता नकद / चेक द्वारा खोला जा सकता है और चेक की अवस्था में सरकारी खाते में चेक की राशि प्राप्त होने की तिथि को खाता खोलने की तिथि / बाद में जमा खाता होगी.
  • जमाकर्ता आयकर अधिनियम की धारा 80-सी के तहत कटौती के हक़दार हैं.

खाता बंद करने के नियम

  • यदि किसी वित्तीय वर्ष में 500 रुपये की न्युनत्तम राशि को जमा नहीं किया जाता है, तो उक्त पीपीएफ खाता बंद हो जाएगा.
  • बंद खातों पर ऋण / निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
  • खाते की परिपक्वता से पहले जमाकर्ता द्वारा खाते की परिपक्वता न्यूनतम सदस्यता (यानी 500 रुपये) + 50 रुपये प्रत्येक चूक वर्ष के लिए जमा कर खाता चालू किया जा सकता है.
  • एक वर्ष में कुल जमा, पिछले वित्तीय वर्षों के डिफ़ॉल्ट के वर्षों के संबंध में जमा राशि के समावेशी होगी.

ब्याज का लाभ-

  • ब्याज वित्त मंत्रालय द्वारा त्रैमासिक आधार पर अधिसूचित किया जाएगा.
  • ब्याज की गणना कैलेंडर माह के लिए पांचवें दिन की समाप्ति और महीने के अंत के बीच के खाते में सबसे कम शेष राशि पर की जाएगी.
  • ब्याज प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाएगा.
  • अर्जित ब्याज आयकर अधिनियम के तहत कर मुक्त है.

कर्ज-

  • प्रारम्भिक सदस्यता के वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद ऋण लिया जा सकता है. (अर्थात 2010-11 के दौरान खुले खाते के लिए वर्ष 2012-13 में ऋण लिया जा सकता है)
  • प्रारम्भिक सदस्यता के वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद 5 वर्ष पूर्ण होने से पहले ऋण लिया जा सकता है.
  • ऋण को उस वर्ष के पूर्व में ऋण के शेष राशि के 25% तक लिया जा सकता है, जिस वर्ष ऋण लागू किया गया है.
  • एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ऋण लिया जा सकता है.
  • दूसरा ऋण तब तक प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि पहले ऋण चुकाया नहीं जाता है.
  • यदि लिए गये ऋण को 36 माह के भीतर चुकाया जाता है, तो ऋण की ब्याज दर @1% प्रति वर्ष लागू होगी.
  • यदि लिया गये ऋण को 36 माह के बाद तक चुकता किया जाता है ऋण की ब्याज दर @6% प्रति वर्ष ऋण संवितरण की तारीख से लागू होगी.

निकासी के नियम-

  • खाता खोलने के वर्ष को छोड़कर पांच वर्ष पूर्ण होने पर ग्राहक वित्तीय वर्ष के दौरान एक निकासी कर सकता है. (यदि 2010-11 के दौरान खाता खुला तो 2016-17 के दौरान या बाद में निकासी की जा सकती है)
  • निकासी पूर्ववर्ती वर्ष के अंत में या पिछले वर्ष के अंत में जमा शेष राशि जो भी कम हो का 50% तक किया जा सकता है.

परिपक्वता-

  • खाता 15 वित्तीय वर्ष के बाद परिपक्वता होगा. खाता खोलने के वित्तीय वर्ष को छोड़कर.
  • परिपक्वता पर जमाकर्ता के पास निम्नलिखित विकल्प हैं.
  • संबंधित पोस्ट ऑफिस में पासबुक के साथ खाता बंद करने का फॉर्म जमा करके परिपक्वता भुगतान ले सकते हैं.
  • आगे जमा किए बिना अपने खाते में परिपक्वता राशि को बनाए रख सकता है जिस पर पीपीएफ ब्याज दर लागू होगी और भुगतान किसी भी समय लिया जा सकता है या प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 1 निकासी ली जा सकती है.
  • संबंधित पोस्ट ऑफिस में निर्धारित विस्तार प्रपत्र जमा करके अपने खाते को आगे 5 वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है. (परिपक्वता के एक वर्ष के भीतर)
  • बंद किये गए पीपीएफ खाते को बढ़ाया नहीं जा सकता.
  • जमा राशि के साथ विस्तारित खाते में, 5 वर्ष के ब्लॉक में परिपक्वता के समय बैलेंस क्रेडिट की अधिकतम सीमा क क 60% तक प्रत्येक वित्त वर्ष में निकासी की सकती है.

पीपीएफ खाता समय से पहले बंद-

  • समय से पहले 5 वर्ष के बाद खाता बंद करने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें खाता निम्नलिखित शर्तों के अधीन था.
  • खाताधारक, पति या पत्नी या आश्रित बच्चों को जान के खतरे की बीमारी होने की स्थिति में
  • खाताधारक या आश्रित बच्चों की उच्च शिक्षा के मामले में
  • खाताधारक की निवासी स्थिति के परिवर्तन के मामले में (यानी एनआरआई बनने पर)
  • समय से पहले बंद होने के समय खाता खोलने की तारीख से / विस्तार की तारीख जैसा कि मामला हो 1% ब्याज की कटौती की जाएगी.
  • संबंधित पोस्ट ऑफिस में पास बुक के साथ निर्धारित प्रपत्र जमा करके उपरोक्त शर्तों पर खाता बंद किया जा सकता है.

वहीं पीपीएफ खाताधारक की मृत्यु होने पर खाता बंद कर दिया जाएगा और नामांकित या कानूनी उत्तराधिकारी को खाते को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जबकि मृत्यु के कारण बंद होने वाले पीपीएफ खाते के लिए उस पूर्ववर्ती महीने के अंत तक किया जाएगा जिसमें खाता बंद किया गया के लिए पीपीएफ ब्याज दर का भुगतान किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 21, 2020 02:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).