PF Interest: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने 6 करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में वार्षिक ब्याज जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वर्तमान में ब्याज दर 8.25 प्रतिशत निर्धारित है, जो बाजार में उपलब्ध कई फिक्स्ड इनकम विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर है. इस दर के साथ, जिन सदस्यों का पीएफ बैलेंस अधिक है, उन्हें महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है. उदाहरण के लिए, यदि किसी सदस्य का औसत बैलेंस ₹5.6 लाख के करीब है, तो उसे लगभग ₹46,000 का वार्षिक ब्याज मिल सकता है.
ब्याज गणना और क्रेडिट की प्रक्रिया
ईपीएफओ ब्याज की गणना मासिक रनिंग बैलेंस के आधार पर करता है, लेकिन इसे साल के अंत में एक साथ खाते में क्रेडिट किया जाता है. अधिकारियों के अनुसार, हालांकि प्रक्रिया केंद्रीय स्तर पर शुरू हो गई है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) के कारण सदस्यों की पासबुक में यह राशि दिखने में थोड़ा समय लग सकता है. 8.25 प्रतिशत की यह दर भारत में वेतनभोगी वर्ग के लिए सेवानिवृत्ति की बचत को सुरक्षित और लाभकारी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क है. यह भी पढ़े: UPI-Based Withdrawals For PF: EPFO का बड़ा तोहफा! अब UPI से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, अप्रैल 2026 से शुरू होगी सेवा; जानें पूरी प्रक्रिया
पीएफ बैलेंस चेक करने के 4 आसान तरीके
सदस्य यह पता लगाने के लिए कि उनके खाते में ब्याज जमा हुआ है या नहीं, निम्नलिखित डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं. इन सेवाओं के लिए सक्रिय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) अनिवार्य है:
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ईपीएफओ पोर्टल (EPFO Unified Portal): सदस्य आधिकारिक वेबसाइट पर 'e-Passbook' सेक्शन में जाकर यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन कर सकते हैं. यहां "Interest Updated" के नाम से नई एंट्री देखी जा सकती है.
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उमंग ऐप (UMANG App): मोबाइल उपयोगकर्ता उमंग ऐप में 'View Passbook' विकल्प का उपयोग कर सकते हैं. यह चलते-फिरते बैलेंस चेक करने का सबसे तेज तरीका है.
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एसएमएस सेवा (SMS Service): अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7738299899 पर "EPFOHO UAN ENG" लिखकर भेजें. आपको आखिरी योगदान और कुल बैलेंस के साथ एक एसएमएस प्राप्त होगा.
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मिस्ड कॉल सुविधा (Missed Call): पंजीकृत मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें. कॉल दो रिंग के बाद अपने आप कट जाएगी और आपको बैलेंस का विवरण एसएमएस के जरिए मिल जाएगा.
ब्याज न दिखने पर क्या करें?
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यदि डिजिटल पासबुक में ब्याज तुरंत नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको ब्याज नहीं मिलेगा. यह अक्सर सॉफ्टवेयर अपडेट या क्षेत्रीय सर्वर में देरी के कारण होता है. यदि लंबी अवधि के बाद भी ब्याज अपडेट नहीं होता है, तो सदस्य EPFiGMS पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
वित्त मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की सिफारिश के बाद 8.25 प्रतिशत की दर को मंजूरी दी थी. यह दर मुद्रास्फीति दर और अधिकांश बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से अधिक है, जो इसे भारतीय मध्यम वर्ग के लिए निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प बनाती है.












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