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Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे, बेटियों के लिए क्यों खास है यह स्कीम, कौन खोल सकता है खाता, कितना मिलता है ब्याज? एक क्लिक पर जानें सब कुछ

इस खाते में ब्याज की गणना हर महीने होती है और इसे हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जोड़ दिया जाता है, जिससे रकम लगातार बढ़ती रहती है. बेटी के 18 साल की उम्र पूरी होने या 10वीं पास करने के बाद खाते में जमा राशि का 50 प्रतिशत तक पढ़ाई के लिए निकाला जा सकता है. यह रकम एक साथ या किस्तों में निकाली जा सकती है, बशर्ते पढ़ाई से जुड़े दस्तावेज दिए जाएं.

Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे, बेटियों के लिए क्यों खास है यह स्कीम, कौन खोल सकता है खाता, कितना मिलता है ब्याज? एक क्लिक पर जानें सब कुछ
सुकन्या समृद्धि योजना (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) को गुरुवार को 11 साल पूरे हो गए. यह स्कीम देश की बेटियों के लिए शुरू की गई सबसे प्रभावशाली सामाजिक और वित्तीय योजनाओं में से एक बनकर उभरी है, जो न केवल बचत को बढ़ावा देती है, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की उम्मीद भी देती है. इस योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत की गई थी. इसका उद्देश्य केवल पैसे जमा करना नहीं था, बल्कि परिवारों को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए समय रहते योजना बनाने के लिए प्रेरित करना था. बीते वर्षों में इस योजना ने देश के हर कोने में जागरूकता और भरोसा पैदा किया है. Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना क्या है? बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बनाई गई इस खास सरकारी बचत योजना के बारे में

22 जनवरी 2026 को जब सुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे हो रहे हैं, तब तक इसके तहत 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके थे. यह आंकड़ा दिखाता है कि देशभर में लोग बेटियों के भविष्य को लेकर अब ज्यादा सजग और जिम्मेदार हो रहे हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना पर फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो बेटियों के लिए बनी सरकारी योजनाओं में सबसे अधिक मानी जाती है. इसमें जमा की गई रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज भारत सरकार द्वारा पूरी तरह सुरक्षित होता है, जिससे यह एक भरोसेमंद और कम जोखिम वाला निवेश बनता है.

यह योजना खास तौर पर बेटियों की पढ़ाई और शादी के खर्च में मदद के लिए बनाई गई है. इसके जरिए लड़कियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिलता है, जो महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाता है. बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं. यह खाता लड़की के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है.

हर बेटी के लिए केवल एक खाता खोला जा सकता है. एक परिवार में अधिकतम दो खाते खोले जा सकते हैं, हालांकि जुड़वां या तीन बच्चों के मामले में छूट मिलती है. यह खाता पूरे भारत में ट्रांसफर किया जा सकता है. 18 साल की उम्र तक खाता अभिभावक चलाते हैं, इसके बाद बेटी खुद इसे संचालित कर सकती है.

सुकन्या खाता खोलने के लिए खाता खोलने का फॉर्म, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, आधार नंबर और पैन कार्ड या फॉर्म 60 की जरूरत होती है. दिसंबर 2025 तक इस योजना में कुल जमा राशि 3.33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है, जो इसकी लोकप्रियता को साफ दिखाती है. इस योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं. इसमें खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक पैसे जमा किए जा सकते हैं.

इस खाते में ब्याज की गणना हर महीने होती है और इसे हर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जोड़ दिया जाता है, जिससे रकम लगातार बढ़ती रहती है. बेटी के 18 साल की उम्र पूरी होने या 10वीं पास करने के बाद खाते में जमा राशि का 50 प्रतिशत तक पढ़ाई के लिए निकाला जा सकता है. यह रकम एक साथ या किस्तों में निकाली जा सकती है, बशर्ते पढ़ाई से जुड़े दस्तावेज दिए जाएं.

सुकन्या समृद्धि खाता 21 साल बाद परिपक्व होता है. कुछ खास परिस्थितियों में, जैसे बेटी की शादी (18 साल के बाद) या मृत्यु होने पर ही इसे समय से पहले बंद करने की अनुमति होती है. पहले 5 साल तक खाता बंद नहीं किया जा सकता. उच्च ब्याज, टैक्स लाभ और पढ़ाई के लिए निकासी की सुविधा के कारण सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए सबसे बेहतर दीर्घकालीन बचत योजनाओं में से एक मानी जाती है. यह परिवारों में बचत की आदत डालती है और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 22, 2026 12:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).