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Mumbai Local: मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे का शिकंजा, एक ही दिन में वसूले गए 55 हजार रुपये जुर्माना

मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ एक महिला मुख्य टिकट परीक्षक (TTE) ने अनोखा अभियान चलाया. सुधा द्विवेदी ने आम यात्री बनकर ट्रेन में सफर किया और एक ही दिन में करीब 200 यात्रियों पर जुर्माना लगाकर ₹55,000 का राजस्व वसूला.

Mumbai Local: मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे का शिकंजा, एक ही दिन में वसूले गए 55 हजार रुपये जुर्माना
(Photo Credits Twitter)

Mumbai Local:  मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. हाल ही में मध्य रेलवे की मुख्य टिकट परीक्षक (Head TTE) सुधा द्विवेदी (Sudha Dwivedi) ने एक औचक निरीक्षण अभियान चलाया. इस दौरान उन्होंने अकेले एक दिन में करीब 200 यात्रियों को बिना वैध टिकट के पकड़ा और उनसे कुल 55,000 रुपये का जुर्माना वसूला. यह कार्रवाई मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में किसी एक अधिकारी द्वारा एक दिन में की गई सबसे बड़ी कार्यवाइयों में से एक मानी जा रही है.

आम यात्री बनकर कोच में हुईं शामिल

इस अभियान की सबसे खास बात सुधा द्विवेदी की कार्यशैली रही. सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुधा द्विवेदी एक आम यात्री की तरह भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में सवार हुईं. वह काफी देर तक साधारण यात्रियों की तरह ही कोच में मौजूद रहीं ताकि किसी को उन पर शक नM हो. जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, उन्होंने अपनी पहचान उजागर की और टिकटों की जांच शुरू कर दी.  यह भी पढ़े:  मुंबई लोकल ट्रेन का अब RailOne ऐप से टिकट बुकिंग पर 3% छूट, पश्चिम रेलवे ने शुरू की डिजिटल टिकटिंग सुविधा; 14 जनवरी से लागू

बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

रिकॉर्ड तोड़ वसूली और यात्रियों की प्रतिक्रिया

कुछ ही घंटों के भीतर यह सामान्य जांच एक बड़े अभियान में बदल गई. दिन के अंत तक 200 यात्रियों को बिना टिकट या गलत श्रेणी के टिकट के साथ यात्रा करते पाया गया. रेलवे के इतिहास में एक ही TTE द्वारा इतनी बड़ी संख्या में चालान काटना और 55,000 रुपये का राजस्व जुटाना चर्चा का विषय बना हुआ है.

सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कुर्ला और सीएसएमटी (CSMT) के बीच यात्रा करने वाले एक यात्री ने बताया कि वे प्रथम श्रेणी (First Class) का पास रखते हैं, लेकिन अक्सर द्वितीय श्रेणी के यात्री वहां कब्जा जमा लेते हैं. उन्होंने इस तरह की सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है.

नियमित चेकिंग और सिस्टम सुधार की मांग

इस घटना ने मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा की पुरानी समस्या को फिर से चर्चा में ला दिया है. कई यात्रियों का मानना है कि केवल कभी-कभी होने वाली छापेमारी से यह समस्या हल नहीं होगी. नियमित यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशनों पर प्रवेश और निकास के समय क्यूआर कोड (QR Code) या स्मार्ट कार्ड आधारित सख्त चेकिंग सिस्टम लागू किया जाना चाहिए.

क्या कहते हैं आंकड़े?

अक्सर यह देखा गया है कि नियमित चेकिंग न होने के कारण कई लोग बिना टिकट यात्रा करने का जोखिम उठाते हैं. यात्रियों का तर्क है कि कभी-कभार लगने वाला जुर्माना, हर रोज टिकट खरीदने की तुलना में उन्हें सस्ता पड़ता है. ऐसे में यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे को अपनी प्रवर्तन प्रणालियों (Enforcement Systems) को और अधिक मजबूत और नियमित बनाना चाहिए ताकि ईमानदारी से किराया देने वाले यात्रियों को भीड़ और असुविधा का सामना न करना पड़े.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 04, 2026 02:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).