नई दिल्ली: भारत सरकार ने सोमवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें सुझाव दिया गया था कि भारत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से पारगमन शुल्क (Transit Levy) लगाने के मुद्दे पर ईरान के साथ चर्चा कर रहा है. सरकार ने इन दावों को पूरी तरह आधारहीन और निराधार बताया है. नौवहन मंत्रालय (Ministry of Shipping) के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल (Mukesh Mangal) ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ ऐसी किसी भी लेवी के संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है. यह भी पढ़ें: Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान; कहा- 'सैन्य अभियान लक्ष्य के करीब, समझौता नहीं हुआ तो किए जाएंगे और भी विनाशकारी हमले
भारतीय जहाजों की सुरक्षा और निगरानी
क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच चिंताओं को दूर करते हुए मुकेश मंगल ने कहा कि सरकार ऐसी किसी भी गतिविधि से अवगत नहीं है. उन्होंने समुद्री आवाजाही पर अपडेट देते हुए बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में काम कर रहे 16 भारतीय जहाजों की बारीकी से ट्रैकिंग की जा रही है.
अधिकारी ने जानकारी दी कि 'ग्रीन सान्वी' (Green Sanvi) और 'ग्रीन आशा' (Green Asha) नामक एलपीजी वाहक जहाजों ने महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है. ये जहाज क्रमशः 7 अप्रैल और 9 अप्रैल को भारत पहुंचने की उम्मीद है.
ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू प्रबंधन
ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी आयात में कुछ गिरावट देखी गई है, जबकि घरेलू उत्पादन फिलहाल सीमित है. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कमी को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि अमेरिका जैसे देशों से आयात व्यावसायिक आधार पर जारी है. इसके अलावा, उर्वरक संयंत्रों को गैस की आपूर्ति बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दी गई है और देश भर के सिटी गैस वितरकों को मांग के समर्थन में 10 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन दिया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Middle East Tensions: ऊर्जा संकट के बीच मलेशिया का बड़ा फैसला: 15 अप्रैल से 'वर्क फ्रॉम होम' करेंगे सरकारी कर्मचारी
खाड़ी क्षेत्र से भारतीयों की वापसी
विदेश मंत्रालय (MEA) में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने बताया कि क्षेत्र में बदलती स्थिति के बीच 28 फरवरी से अब तक लगभग 7.3 लाख भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए कतर एयरवेज (Qatar Airways) सोमवार को भारत के लिए आठ से दस उड़ानों का संचालन कर रहा है.
भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.













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