तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की इजरायल यात्रा (Israel Visit) का आज (26 फरवरी 2026) दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण दिन है. आज पीएम मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के बीच 'किंग डेविड होटल' (King David Hotel) में एक विस्तृत द्विपक्षीय बैठक होगी. इस बैठक में रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई ऐतिहासिक समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इससे पहले दोनों नेता 'याद वाशेम' (Yad Vashem) स्मारक का दौरा भी करेंगे. यह भी पढ़ें: PM Modi Israel Visit: 'आप एक महान नेता हैं', इजरायल पहुंचने पर बेंजामिन नेतन्याहू ने किया पीएम मोदी का भव्य स्वागत
भारत का 'मिशन सुदर्शन चक्र' और इजरायली तकनीक
इस यात्रा का सबसे प्रमुख केंद्र भारत का अपनी हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाने का लक्ष्य है. भारत इजरायल के विश्व प्रसिद्ध 'आयरन डोम' (Iron Dome) एयर डिफेंस सिस्टम को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह साझेदारी केवल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भारत के स्वदेशी 'मिशन सुदर्शन चक्र' (प्रोजेक्ट कुशा) के मुख्य हिस्से के रूप में देखा जा रहा है.
इजरायल ने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत आयरन डोम तकनीक भारत को हस्तांतरित करने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है. इससे भारत कम दूरी के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट करने वाले सिस्टम का स्थानीय स्तर पर उत्पादन कर सकेगा.
'आयरन बीम' लेजर सिस्टम में भी रुचि
आयरन डोम के साथ-साथ भारत इजरायल की नवीनतम 'आयरन बीम' (Iron Beam) तकनीक में भी गहरी रुचि दिखा रहा है. यह एक लेजर-आधारित डिफेंस सिस्टम है जो प्रकाश की गति से हमलावर ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट करता है. यह तकनीक काफी सस्ती और प्रभावी मानी जाती है. भारत का लक्ष्य 2030 तक S-400 जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों और आयरन डोम जैसे सिस्टम को मिलाकर एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार करना है जिसे भेदना नामुमकिन हो. यह भी पढ़ें: PM Modi on Instagram: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स वाले दुनिया के पहले राजनेता बने
क्रेसनेट में पीएम मोदी का भव्य स्वागत
इससे पहले बुधवार को तेल अवीव पहुंचने के कुछ ही समय बाद पीएम मोदी ने इजरायली संसद 'क्रेसनेट' (Knesset) को संबोधित किया. क्रेसनेट को संबोधित करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जहां उनका स्वागत 'स्टैंडिंग ओवेशन' के साथ किया गया.
संसद की ओर से उन्हें 'मेडल ऑफ द क्रेसनेट' से भी सम्मानित किया गया. इस पर आभार व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘यह सम्मान किसी व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि भारत और इजरायल की स्थायी दोस्ती और साझा मूल्यों के प्रति एक श्रद्धांजलि है.’
द्विपक्षीय संबंधों की नई दिशा
आज होने वाली बैठकों के बाद दोनों नेता साझा प्रेस वक्तव्य जारी करेंगे. रक्षा समझौतों के अलावा, आर्थिक सहयोग और नवाचार पर भी कई समझौतों की उम्मीद है. पीएम मोदी इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा अगले एक दशक के लिए भारत-इजरायल संबंधों की दिशा तय करेगी, जिसमें रक्षा और उच्च तकनीक (High-Tech) सबसे बड़े स्तंभ होंगे.












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