Firozabad: YouTube पर 50 हजार से कम है सब्सक्राइबर्स तो नहीं कर सकते पत्रकारिता, होगी सख्त कार्रवाई.. फिरोजाबाद के DIO का तुगलकी फरमान
पिछले कुछ वर्षों में मेनस्ट्रीम मीडिया (Mainstream Media) से ज्यादा लोग वेबसाइट (Website) और यूट्यूबर्स की न्यूज़ पर भरोसा करने लगे है. कई यूट्यूबर्स के सब्सक्राइबर्स तो लाखों में है, लेकिन ऐसे कई यूट्यूब चैनल है, जिनके सब्सक्राइबर्स कम है.
You Tube News Channels: पिछले कुछ वर्षों में मेनस्ट्रीम मीडिया (Mainstream Media) से ज्यादा लोग वेबसाइट (Website) और यूट्यूबर्स (YouTubers) की न्यूज़ पर भरोसा करने लगे है. कई यूट्यूबर्स के सब्सक्राइबर्स (Subscribers) तो लाखों में है, लेकिन ऐसे कई यूट्यूब चैनल है, जिनके सब्सक्राइबर्स कम है. 50 हजार से कम सब्सक्राइबर्स वाले यूट्यूब चैनलों के लिए फिरोजाबाद (Firozabad) के डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन ऑफिसर (District Information Officer) ने तुगलकी फरमान जारी किया है.इस आदेश में कहा गया है की अगर किसी यूट्यूब में माध्यम से पत्रकारिता कर रहा है और अगर यूट्यूब चैनल पर 50 हजार से कम सब्सक्राइबर है तो वह पत्रकारिता नहीं कर सकता और करते हुए पकड़ने जाने पर उसपर प्रेस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस आदेश के बाद यूट्यूब पर न्यूज़ चैनल चलानेवाले और इंडिपेंडेंट पत्रकारों ने नाराजगी जाहिर की है और डीआईओ (District Information Officer ) पर भी नाराजगी जताई है. ये भी पढ़े:YouTube का बड़ा बदलाव: 15 जुलाई से इन वीडियो पर बंद हो जाएगी कमाई, जानें क्या हैं नए नियम
ग्राउंड लेवल पर यूट्यूब चैनलों का काम सराहनीय
पिछले कुछ वर्षों में यूट्यूब न्यूज़ चैनल (Youtube News Channel) के आने के कारण लोगों की मुलभुत समस्याएं भी सरकार और प्रशासन के सामने आने लगी है, जो कभी मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए न्यूज़ ही नहीं रहती थी. यूट्यूब न्यूज़ चैनल के कारण खासकर ग्रामीणों की समस्याओं को उजागर किया जाता है और वहां के लोगों की जो परेशानी है, वह दिखाई जाती है. जिसकी वजह से पिछले कुछ वर्षों में यूट्यूब चैनल पर लोग ज्यादा भरोसा करने लगे है.
आदेश को लेकर स्वतंत्र पत्रकारों में नाराजगी
कई ऐसे पत्रकार (Journalist) है जिनका चैनल शुरू है. लेकिन उनके 50 हजार सब्सक्राइबर्स नहीं है. लेकिन वे बेहतरीन काम कर रहे है. कई ऐसे पत्रकार है जो अभी अपना चैनल शुरू करने की सोच रहे है. इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण दोनों जगहों के स्वतंत्र पत्रकारों ने इस आदेश पर नाराजगी जाहिर की है और इसे लेकर पत्रकारों में भी रोष है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2025 12:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

