ईरान में इंटरनेट अब भी बंद, प्रदर्शन लगातार जारी
ईरान की मुद्रा में अप्रत्याशित गिरावट के बाद 28 दिसंबर से देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे.
ईरान की मुद्रा में अप्रत्याशित गिरावट के बाद 28 दिसंबर से देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. करीब दो हफ्ते बाद भी देश भर के बड़े शहरों में प्रदर्शन जारी हैं. ईरान ने कहा है कि "दंगाइयों से सख्ती से निपटा जाएगा."ईरान में दिसंबर के आखिर में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन दो हफ्ते बाद भी जारी हैं. ईरान की सरकार ने प्रदर्शनों की बात स्वाकारी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया है. सरकार की तरफ से इंटरनेट सेवाओं पर लगाई रोक शनिवार को भी जारी रही. इससे देश के बाहर से विरोध प्रदर्शनों का पता लगाना मुश्किल हो गया है.
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की तादाद बढ़कर कम से कम 65 हो गई है और 2,300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. वहीं ईरान का सरकारी टीवी देश पर सुरक्षा बलों के नियंत्रण की बातें दिखाने के साथ-साथ सुरक्षा बलों के हताहत होने की खबर भी दे रहा है.
हालिया प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा रियाल में भारी गिरावट आने के बाद शुरू हुए थे. स्थिति यह है कि इस वक्त ईरान के 10 लाख रियाल, 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर हैं. देश के परमाणु कार्यक्रम पर आंशिक रूप से लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण भी अर्थव्यवस्था दबी हुई है.
क्या ईरानी नेतृत्व ने विरोध-प्रदर्शनों को कम आंका?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी चेतावनियों के बावजूद, प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है. राजधानी तेहरान में ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति को "खुदा का दुश्मन" माना जाएगा. इस आरोप के लिए मौत की सजा तक दी जा सकती है. ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में यहां तक कहा गया है कि जो लोग "दंगाइयों की मदद करेंगे", उन्हें भी इस आरोप का सामना करना पड़ेगा.
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इंटरनेट अब भी बंद
इंटरनेट शटडाउन पर नजर रखने वाले पर्यवेक्षकों की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकार ने शनिवार को कई शहरों में तेजी से बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच दूसरे दिन भी इंटरनेट पर रोक लगाए रखी. वैश्विक इंटरनेट निगरानी संगठन, नेटब्लॉक्स ने एक्स पर पोस्ट किया कि उसके "आंकड़े दिखाते हैं कि देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट 36 घंटों से जारी है." ईरानी सुरक्षा सेवाओं ने अपने सुरक्षा बलों और चुनिंदा सरकारी मीडिया को छोड़कर, आबादी के लिए इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया है.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस शटडाउन से ईरानी नेतृत्व दो लक्ष्य हासिल करना चाहता है- प्रदर्शनकारियों के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करना मुश्किल बनाना और अशांति और जवाबी कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट, फोटो और वीडियो को सामने आने से रोकना. ईरान में शनिवार से कामकाज का हफ्ता शुरू होता है, लेकिन खबरों के मुताबिक कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाईं.
अमेरिका का प्रदर्शनकारियों को समर्थन
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन की पेशकश की. उन्होंने एक्स पर लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों का समर्थन करता है." इसके अलावा विदेश विभाग ने अलग से चेतावनी दी है कि "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खेल मत खेलो. जब वे कहते हैं कि वे कुछ करेंगे, तो उनका मतलब वही होता है." ईरान ने देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ को 'लाल लकीर' बताया है और मौका पड़ने पर जरूरी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
आखिरी शाह के निर्वासित बेटे की अपील
इससे पहले ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अपने ताजा संदेश में प्रदर्शनकारियों से शनिवार और रविवार को भी सड़कों पर उतरने को कहा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से 'शेर और सूरज' वाले ईरान के पुराने झंडे और शाह के समय इस्तेमाल होने वाले अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को साथ ले जाने की बात कही, ताकि "सार्वजनिक स्थानों पर अपना हक जताया जा सके."
पहलवी, इस्लामिक क्रांति के दौरान हटाए गए ईरान के आखिरी शाह के बेटे हैं. इस्राएल के प्रति पहलवी का समर्थन और इस्राएल से उन्हें मिले समर्थन की अतीत में आलोचना हुई है- खासकर 2025 के 12 दिवसीय युद्ध के बाद. कुछ विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों ने शाह के समर्थन में नारे लगाए हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि यह खुद पहलवी के लिए समर्थन है या 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के समय में लौटने की इच्छा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2026 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

