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Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में PM मोदी ने बजाया डमरू, 'शौर्य यात्रा' में उमड़ा जनसैलाब; 108 घोड़ों और सांस्कृतिक नृत्यों ने बांधा समां (Watch Videos)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने डमरू बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. 108 घोड़ों के काफिले और देशभर के सांस्कृतिक नृत्यों के साथ सोमनाथ की सड़कें 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठीं.

Somnath Swabhiman Parv: सोमनाथ में PM मोदी ने बजाया डमरू, 'शौर्य यात्रा' में उमड़ा जनसैलाब; 108 घोड़ों और सांस्कृतिक नृत्यों ने बांधा समां (Watch Videos)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: PTI)

सोमनाथ (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को गुजरात (Gujarat) के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' (Somnath Swabhiman Parv) के तहत आयोजित भव्य 'शौर्य यात्रा' (Shaurya Yatra) में शिरकत की. यह यात्रा उन अनगिनत योद्धाओं के सम्मान में निकाली गई, जिन्होंने सदियों तक सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए. हाथ में डमरू थामे और श्रद्धा से सराबोर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए सड़कों के दोनों ओर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने फूलों की बारिश और 'मोदी-मोदी' के नारों से उनका अभिनंदन किया. यह भी पढ़ें: Somnath Swabhiman Parv: 'शाश्वत दिव्यता का प्रतीक है सोमनाथ', पीएम मोदी ने गुजरात में 1000 साल के अटूट विश्वास को किया नमन

डमरू की गूंज और सांस्कृतिक संगम

शौर्य यात्रा के दौरान एक विशेष पल तब आया जब प्रधानमंत्री ने भगवान शिव के प्रिय वाद्य यंत्र 'डमरू' को अपने दोनों हाथों में लेकर बजाया. प्रधानमंत्री के इस अंदाज ने वहां मौजूद कलाकारों और भक्तों में नया जोश भर दिया.

इस यात्रा में भारत की 'विविधता में एकता' की झलक देखने को मिली. राजस्थान के मयूर नृत्य से लेकर पंजाब के भांगड़ा, मणिपुर के पारंपरिक लोक नृत्य और गुजरात के गरबा तक, विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सोमनाथ की धरती को जीवंत कर दिया. कलाकारों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सामने प्रदर्शन करना उनके लिए गर्व का क्षण है.

पीएम मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लिया

सोमनाथ मंदिर में पीएम मोदी

108 घोड़ों का शाही काफिला

इस शौर्य यात्रा का मुख्य आकर्षण 108 घोड़ों का दल रहा, जो प्रधानमंत्री के काफिले के साथ चल रहे थे. इन घोड़ों ने यात्रा को एक शाही और ऐतिहासिक रूप प्रदान किया. देशभर से आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक रूप से और भी भव्य बना दिया. यह भी पढ़ें: Somnath Swabhiman Parv: 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होंगे पीएम मोदी, दिव्य मंत्रोच्चार और भव्य ड्रोन शो का बनेंगे हिस्सा

विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और सद्भावना मैदान में जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री का कार्यक्रम अन्य शहरों में भी निर्धारित है:

  • राजकोट: दोपहर में प्रधानमंत्री राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालय पहुंचेंगे, जहां वे 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' के तहत ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे.
  • गांधीनगर: शाम को पीएम मोदी गांधीनगर के महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पहुंचेंगे। यहां वे अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण (फेज-2) का शुभारंभ करेंगे, जो सेक्टर 10A से महात्मा मंदिर तक के रूट को जोड़ेगा.

ऐतिहासिक महत्व: स्वाभिमान का पर्व

'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक साहस और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है. यह मंदिर सदियों के आक्रमणों के बाद भी बार-बार पुनर्निर्मित होने की भारत की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है. यह वर्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से बने आधुनिक मंदिर के पुनर्निर्माण (1951) के 75 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2026 12:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).