Heatwave In India: भीषण गर्मी के बीच गिग वर्कर्स फेडरेशन ने श्रम मंत्रालय को लिखा पत्र, ऐप-आधारित कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपायों की मांग की

भारत के कई राज्यों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है. इस भीषण गर्मी के बीच ऐप-आधारित डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में काम करने वाले लाखों गिग वर्कर्स की सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है. गिग वर्कर्स के राष्ट्रीय संगठन 'इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स' (IFAT) ने केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय को एक औपचारिक पत्र लिखकर मांग की है कि इन श्रमिकों के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी हीटवेव सुरक्षा नियम लागू किए जाएं.

सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत सुरक्षा की मांग

IFAT ने सरकार से आग्रह किया है कि इन सुरक्षा उपायों को 'सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020' (Code on Social Security, 2020) के दायरे में लाया जाए. यह कानून देशभर में गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को नियंत्रित करता है. फेडरेशन का तर्क है कि भीषण गर्मी अब केवल एक मौसम की स्थिति नहीं, बल्कि इन श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है.  यह भी पढ़े: Weather Forecast Today, April 25, 2026: दिल्ली-मुंबई में गर्मी का सितम, बेंगलुरु और कोलकाता में बारिश के आसार; जानें अपने शहर का हाल

फेडरेशन द्वारा प्रस्तावित मुख्य उपाय

श्रम मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में फेडरेशन ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की सिफारिश की है:

  • पेड कूलिंग ब्रेक: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 'ऑरेंज' और 'रेड' अलर्ट जारी होने पर श्रमिकों को सवेतन विश्राम (Paid Breaks) दिया जाए.

  • जुर्माने से राहत: अत्यधिक गर्मी के कारण काम रोकने पर आईडी ब्लॉक करने, पेनल्टी लगाने या प्रोत्साहन राशि (Incentives) में कटौती करने जैसी कार्रवाई पर रोक लगे.

  • बुनियादी सुविधाएं: एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा श्रमिकों के लिए ठंडा पानी, ओआरएस (ORS) और विश्राम के लिए कूलिंग शेल्टर की व्यवस्था अनिवार्य हो.

तकनीकी जवाबदेही और स्वास्थ्य जोखिम

पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि कंपनियों को अपने ऐप के भीतर 'इमरजेंसी डिस्ट्रेस सिस्टम' (आपातकालीन प्रणाली) और सार्वजनिक अनुपालन डैशबोर्ड विकसित करना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि कंपनियां सुरक्षा नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं. IFAT ने चिंता जताई है कि डिलीवरी बॉय और राइड-हेलिंग ड्राइवर बिना किसी सुरक्षा कवच के काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा है.

अंतरराष्ट्रीय मानकों का हवाला

अपनी मांगों के समर्थन में फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण भी पेश किए हैं. पत्र में बताया गया है कि दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, फ्रांस, जापान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका के कैलिफोर्निया जैसे क्षेत्रों में गिग वर्कर्स के लिए गर्मी से संबंधित विशेष सुरक्षा नियम पहले से मौजूद हैं.

संगठन ने कड़े शब्दों में कहा, "गर्मी से सुरक्षा पाना कोई विशेषाधिकार नहीं है. यह एक श्रम अधिकार है, सार्वजनिक स्वास्थ्य की आवश्यकता है और मानवीय गरिमा का विषय है." मंत्रालय को लिखे इस पत्र के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि असंगठित क्षेत्र के इन श्रमिकों के लिए जल्द ही नई गाइडलाइंस जारी हो सकती हैं.