Gold Price Update: साल 2025 में सोने की कीमतों में लगातार उछाल ने एक बार फिर पीले धातु पर सभी का ध्यान खींचा है. धनतेरस और दीवाली के समय कई निवेशक और खरीदार रोज़ाना बदलती कीमतों को देखकर थोड़ा असमंजस में हैं. हालांकि यह कहना मुश्किल है कि सोने की कीमतें कब थमेंगी, लेकिन निवेशक अगर सोने को अच्छी तरह समझें तो अपने निवेश का फायदा बढ़ा सकते हैं. इसी संदर्भ में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो दुनिया भर में सोने के बाजार का अध्ययन करता है, निवेशकों और केंद्रीय बैंकों को डेटा और विश्लेषण देता है और सोने के महत्व व रुझानों को समझने में मदद करता है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की इस रिपोर्ट में सोने से जुड़ी पाँच महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं, जो आम निवेशकों के लिए नई जानकारी हैं और सही निवेश निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं.
सोना प्रमुख वित्तीय बाजारों से भी अधिक तरल
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, निवेशकों और केंद्रीय बैंकों के पास भौतिक सोने का कुल मूल्य लगभग 5.1 ट्रिलियन डॉलर है. वहीं, साल 2025 की पहली छमाही में सोने का औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 329 अरब डॉलर रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस लिहाज से सोना कई प्रमुख वित्तीय बाजारों से भी अधिक तरल है. उदाहरण के लिए, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) अमेरिका की 30 बड़ी कंपनियों के शेयरों का एक प्रमुख सूचकांक है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के स्वास्थ्य का संकेत देता है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है, कि सोने का ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स के बराबर है और अमेरिका के सबसे ज्यादा ट्रेड किए जाने वाले शेयरों से भी अधिक है.
इसका मतलब है कि सोना निवेशकों के लिए तेजी से खरीदा और बेचा जा सकने वाला, यानी अत्यधिक तरल (Highly Liquid) वित्तीय संपत्ति है. यह निवेशकों को पैसे जल्दी और आसानी से बाजार में बदलने की सुविधा देता है, जो इसे एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश विकल्प बनाता है.
50 वर्षों में बांड्स से बेहतर और शेयरों के बराबर रिटर्न
सोना लंबे समय से फाइनेंशियल मार्केट में निवेशकों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है. पिछले 50 वर्षों में सोने की कीमतों में औसतन 8% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, यह रिटर्न शेयर बाजार (Equities) के प्रदर्शन के बराबर है और बॉन्ड्स (Bonds) से बेहतर साबित हुआ है.
इसका मतलब यह है, कि लंबे समय तक सोने में निवेश करने पर निवेशकों को स्थिर और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है, जबकि यह पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्प जैसे बॉन्ड्स से अधिक लाभकारी साबित होता है. यानी, सोना न केवल सुरक्षित है बल्कि लंबी अवधि में अच्छे लाभ की संभावना भी देता है, इसलिए निवेशकों के लिए इसे पोर्टफोलियो में शामिल करना समझदारी भरा कदम माना जाता है.
अमेरिकी डॉलर के बाद दूसरा सबसे बड़ा रिजर्व एसेट
आर्थिक अस्थिरता के समय, सोने की अहमियत एक सुरक्षित संपत्ति (Safe-Haven) के रूप में और बढ़ जाती है. निवेशक ऐसे समय में जोखिम कम करने और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं.
हाल ही में, सोना अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिजर्व एसेट बन गया है. जून 2025 में यूरोपीय सेंट्रल बैंक (European Central Bank) ने खुलासा किया कि सोना अब यूरो को पीछे छोड़ते हुए अमेरिकी डॉलर के बाद वैश्विक रिजर्व में दूसरे स्थान पर आ गया है.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वित्तीय सलाहकारों में से 49% मानते हैं, कि सोना पोर्टफोलियो में विविधता लाने और सुरक्षित निवेश करने के लिए मजबूती प्रदान करता है. इसका मतलब है कि सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक अस्थिरता में पूंजी की सुरक्षा का भरोसेमंद विकल्प भी है.
100% रीसायक्लेबल और सबसे सर्कुलर एसेट
सोना पूरी तरह से रीसायक्लिंग (पुनर्चक्रण) योग्य है और इसकी कोई बर्बादी नहीं होती है. इसका मतलब है, कि कभी भी निकाले गए सोने का लगभग पूरा हिस्सा आज भी किसी न किसी रूप में इस्तेमाल में है, यानी इसका कोई हिस्सा बर्बाद नहीं होता और यह पूरी तरह से रीसायक्लिंग किया जा सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार, सोना तकनीकी और स्वास्थ्य उत्पादों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके उच्च स्तर के रीसायक्लिंग के कारण इसे दुनिया की सबसे सर्कुलर संपत्तियों (Circular Assets) में से एक माना जाता है, यानी ऐसी संपत्ति जिसे लगातार फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है और इसका कोई हिस्सा बर्बाद नहीं होता है. सोना सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि इसे बार-बार इस्तेमाल करके संसाधनों की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद करता है.
नियमित आय नहीं देता
सोना नियमित आय देने वाला निवेश नहीं है, जैसे कि बैंक डिपॉजिट या रियल एस्टेट. यह सिर्फ आपके पोर्टफोलियो में सुरक्षित रहता है और तभी लाभ देता है जब कीमत बढ़ने पर इसे बेचा जाए.
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश वित्तीय सलाहकार (54%) मानते हैं कि सोने से नियमित आय न मिलने के कारण इसका निवेश क्षमता सीमित हो सकती है. हालांकि, सोना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और तरल संपत्ति है, जो लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न दे सकती है और आर्थिक अस्थिरता के समय पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करती है.











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