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Fake Indian Currency Notes: ISI और D-Company पूर्वी भारत के रास्ते फैला रहे हैं नकली नोट का जाल

साल 2018 में 500 रुपये के 23,146 नए जाली नोट बरामद किए गए जबकि 2017 में यह संख्या 8879 थी.

Fake Indian Currency Notes: ISI और  D-Company पूर्वी भारत के रास्ते फैला रहे हैं नकली नोट का जाल
नकली नोट (Photo Credits: IANS)

भारत (India) में एक बार फिर से नकली नोटों (Fake Indian Currency Notes)का जाल फैलाया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की पूर्वी सीमाओं (Eastern Borders) पर नकली नोटों की प्रिंटिंग हो रही है और फिर इसे देशभर में भेजा जा रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से की जा रही एक जांच में पता चला है कि पाकिस्तान (Pakistan) की आईएसआई और डी-कंपनी (D-Company) के बीच सांठगांठ के बाद एक बार फिर से भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में नकली नोटों को भेजा जा रहा है. भारतीय खुफिया एजेंसियों (Indian intelligence Agencies) की तरफ से एक संकेत दिए जाने के बाद नेपाल (Nepal) में पुलिस ने नकली नोटों के रैकेट के सरगना यूनुस अंसारी (Yunus Ansari) को गिरफ्तार किया, जिसके बाद आईएसआई और डी-कंपनी के बीच सांठगांठ का खुलासा हुआ.

यूनुस अंसारी के अलावा मोहम्मद अख्तर, नादिया अनवर और नसीरुद्दीन के रूप में पहचाने गए तीन अन्य पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया. एक अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तारी के समय अंसारी और उनके सहयोगियों के पास नकली नोट थे, जिनका मूल्य 7 करोड़ रुपये से अधिक था. हालांकि, अंसारी की गिरफ्तारी ने यह भी उजागर किया है कि नेपाल, जो कभी भारत में नकली नोटों को भेजने के लिए मुख्य रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, अब पाकिस्तान द्वारा इस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा है बल्कि नकली नोट अब बांग्लादेश के साथ लगी अपनी पूर्वी सीमा के रास्ते भारत में भेजी जा रही है.

इस बीच, शुक्रवार को हरियाणा के गुरुग्राम में 1.20 करोड़ रुपये के नकली नोटों को पुलिस ने जब्त किया. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तारी हुई. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एक लैपटॉप और एक प्रिंटर खरीदा था और नोट छापने व आपूर्ति करने के लिए वे इसका इस्तेमाल करते थे. उन्हें 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. हम मामले की जांच करेंगे. यह भी पढ़ें- कोलकाता में 5 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त, दो गिरफ्तार

वहीं, कोलकाता पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया और एक लाख रुपये अंकित मूल्य के नकली नोटों को भी जब्त कर लिया और इसके साथ ही 48 आग्नेयास्त्र भी बरामद किए हैं जिन्हें अभी आधा ही निर्मित किया गया था जिससे कि काम चलाया जा सके. पूर्व सूचना के आधार पर स्ट्रैंड रोड इलाके से अधिकारियों ने तीन लोगों को अपने हिरासत में ले लिया है. मोहम्मद चंद (30), मोहम्मद सुल्तान (24) और मोहम्मद शिल्टू (20) तीनों व्यक्ति बिहार के मुंगेर जिले से हैं. पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब्त किए गए मुद्राओं में 2,000 के नोट भी शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों के बयानों के आधार पर, एसटीएफ ने हावड़ा के पिलखाना बाजार में हथियारों के एक अवैध कारखाने का पता लगाया. एक अधिकारी ने कहा, "हथियारों के अवैध कारखाने से अर्ध-निर्मित 26 आग्नेयास्त्र के साथ एक लेथ मशीन को भी बरामद कर जब्त कर लिया गया है."

मालूम हो कि वित्त मंत्रालय ने इसी साल फरवरी महीने में बताया था कि साल 2018 में 500 रुपये के 23,146 नए जाली नोट बरामद किए गए जबकि 2017 में यह संख्या 8879 थी. तत्कालीन वित्त राज्य मंत्री पी. राधाकृष्ण ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी थी. उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि 2018 में 500 रुपए के पुराने नोटों की श्रृंखला के 34,275 नकली नोट बरामद किए जबकि 2017 में यह संख्या 1,03,384 थी.

आईएएनएस इनपुट

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2019 12:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).