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When Is Naag Panchami 2025: 29 जुलाई या 13 अगस्त को...कब है नाग पंचमी 2025? जानिए तिथि, पूजा का समय और इस पर्व का धार्मिक महत्व

इस बार नाग पंचमी 2025 में मंगलवार, 29 जुलाई को मनाई जाएगी. इस दिन पंचमी तिथि सुबह 11:24 बजे 28 जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई की रात 12:46 बजे तक रहेगी.

When Is Naag Panchami 2025: 29 जुलाई या 13 अगस्त को...कब है नाग पंचमी 2025? जानिए तिथि, पूजा का समय और इस पर्व का धार्मिक महत्व

When Is Naag Panchami 2025: सावन का महीना शिवभक्तों के लिए सबसे पावन समय माना जाता है. इस दौरान खास व्रत, पूजा-पाठ और तीज-त्योहारों की बहार रहती है. सावन शिवरात्रि और हरियाली तीज के दो दिन बाद नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. यह दिन नाग देवता की पूजा को समर्पित होता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है. इस बार नाग पंचमी 2025 में मंगलवार, 29 जुलाई को मनाई जाएगी. इस दिन पंचमी तिथि सुबह 11:24 बजे 28 जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई की रात 12:46 बजे तक रहेगी. पूजा का शुभ मुहूर्त 29 जुलाई को सुबह 5:41 से 8:23 बजे तक रहेगा. यानी कुल 2 घंटे 43 मिनट तक भक्त पूजा-अर्चना कर सकते हैं.

हालांकि गुजरात में नाग पंचमी की तिथि अलग मानी जाती है और वहां यह पर्व 13 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा.

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क्यों मनाई जाती है नाग पंचमी?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से भय, बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. इसके पीछे एक प्रसिद्ध कथा जुड़ी है. कहा जाता है कि एक बार भगवान श्रीकृष्ण बचपन में यमुना नदी में खेलते हुए कालिया नामक विषैले नाग से भिड़ गए थे. श्रीकृष्ण की शक्ति देखकर कालिया ने हार मान ली और क्षमा मांगी. तब श्रीकृष्ण ने उसे शर्तों के साथ छोड़ दिया. नाग पंचमी इस घटना की याद में मनाई जाती है, जो सुरक्षा और दैवीय शक्ति का प्रतीक मानी जाती है.

क्या है पूजा विधि?

इस दिन घर के बाहर दीवारों पर चावल या हल्दी से नाग देव की आकृति बनाई जाती है. मंदिर या बिलों (सांपों के बिल) पर दूध, सफेद फूल और भोग चढ़ाया जाता है. कई लोग व्रत रखते हैं और सिर्फ सात्विक भोजन करते हैं. दूध आधारित मिठाइयां जैसे चावल की खीर, नारियल की बर्फी, समक चावल की खीर और कलाकंद विशेष रूप से बनाए जाते हैं.

इसके साथ ही भगवान शिव की पूजा और मंत्र जाप भी इस दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि नाग देवता को शिव का गण माना जाता है. कई जगहों पर लोग मां मनसा देवी की पूजा भी करते हैं, जिन्हें नागों की माता माना जाता है.

नाग पंचमी से जुड़ी मान्यता

नागों को हिंदू धर्म में पुनर्जन्म, उर्वरता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इस दिन नागों की पूजा करना सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि प्रकृति और जीवों के प्रति श्रद्धा भी है.

अगर आप भी इस बार नाग पंचमी पर शुभ फल पाना चाहते हैं तो तय समय पर पूजा करें, व्रत रखें और सात्विकता से इस पर्व को मनाएं. अपने आसपास के लोगों को भी इसके महत्व के बारे में बताएं और प्राकृतिक जीवों की रक्षा का संदेश फैलाएं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 04:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).