Fact Check: थाईलैंड-कंबोडिया विवाद का बताकर वायरल किया गया रूस-यूक्रेन हमले का वीडियो, सच्चाई कुछ और निकली
Photo- @RealBababanaras/X & FB

Video of Russia-Ukraine Attack viral as Thailand-Cambodia Dispute: थाईलैंड और कंबोडिया में बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक भारी विस्फोट और आसमान में उठता हुआ धुएं का गुबार देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि यह हमला थाईलैंड की वायुसेना ने कंबोडियाई सेना की दो ठिकानों पर किया है, जिसमें एक ब्रिगेड हेडक्वार्टर भी शामिल है. 'एक्स' यूजर @RealBababanaras ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "रूस-यूक्रेन, इजराइल-फिलिस्तीन, इजराइल-ईरान, भारत-पाकिस्तान के बाद अब थाईलैंड और कंबोडिया में युद्ध. रॉयल थाई वायुसेना के हवाई हमलों में ब्रिगेड मुख्यालय सहित कम से कम दो कंबोडियाई सैन्य ठिकाने नष्ट हो गए."

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फेसबुक पर भी फर्जी वीडियो वायरल

भ्रामक वीडियो का कैसे हुआ खुलासा?

इस पोस्ट को 7 लाख से ज्यादा  बार देखा गया, लेकिन अब सामने आ गया है कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है. वीडियो की जांच में पाया गया कि इसका थाईलैंड-कंबोडिया विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. वीडियो असल में रूस द्वारा यूक्रेन के लुत्स्क शहर पर किए गए मिसाइल हमले का है, जो 6 जून 2025 को हुआ था.

मीडिया साइट्स पर मिली सच्चाई

जांच के लिए वायरल वीडियो को InVid टूल की मदद से कीफ्रेम्स में तोड़ा गया और गूगल लेंस व रिवर्स इमेज सर्च से खोजा गया, तो यह NBC News और RT जैसी प्रतिष्ठित मीडिया साइट्स पर मिल गया. वहां इसे रूस द्वारा यूक्रेन के लुत्स्क में एयरक्राफ्ट रिपेयर फैसिलिटी पर हमले के तौर पर दिखाया गया था.

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाया था. लुत्स्क में 15 ड्रोन और 6 मिसाइलें दागी गई थीं, जिससे भारी नुकसान हुआ था.

क्यों वायरल हुआ फर्जी वीडियो?

दरअसल, हाल में दोनों देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद को लेकर संघर्ष हुआ है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत और कई घायल हुए. इसमें गोलीबारी और सीमित स्तर पर वायुसेना की कार्रवाई भी हुई, लेकिन वायरल वीडियो से उसका कोई संबंध नहीं है. इस वीडियो को भ्रामक तरीके से थाईलैंड-कंबोडिया विवाद से जोड़कर वायरल किया गया.

कानूनन यह झूठी जानकारी फैलाना गलत सूचना (मिसइनफॉर्मेशन) की श्रेणी में आता है, जिससे लोगों में भ्रम और अफवाहें फैलती हैं.