'Mumbai Suresh', '12 Min 46 Sec लिंक' और 'Sir Sir Please MMS' का सच: 2026 में वायरल वीडियो स्कैम के जरिए भारतीयों को बनाया जा रहा है शिकार
"12:46 मिनट" पर इंस्टाग्राम पोस्ट के स्क्रीनशॉट (Photo Credits: Instagram)

अभी 2026 की शुरुआत ही हुई है और भारतीय साइबरस्पेस (Cyberspace) इस समय फिशिंग कैंपेन (Phishing Campaigns) की एक कोऑर्डिनेटेड सीरीज से घिरा हुआ है, जो लीक हुए वायरल वीडियो होने का दिखावा करते हैं. जबकि कुछ स्कैम 'मैरी' (Marry) या 'फातिमा जटोई' (Fatima Jatoi) जैसे इंटरनेशनल नामों पर फोकस थे, लेटेस्ट लहर ने अपनी स्ट्रेटेजी को बहुत ज्यादा लोकल कर दिया है.

सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर ‘लीक हुए वीडियो’ के नाम पर फिशिंग (Phishing) कैंपेन की एक संगठित श्रृंखला चल रही है. जांच में सामने आया है कि ‘मुंबई सुरेश’ (Mumbai Suresh), ‘12 मिनट 46 सेकंड लिंक’ (12 Minute 46 Second) और ‘सर सर प्लीज’ (Sir Sir Please) जैसे नाम से वायरल हो रहे ये ट्रेंड्स दरअसल खतरनाक स्कैम हैं. इनका उद्देश्य सनसनी फैलाकर यूजर्स से बैंकिंग पासवर्ड चोरी करना और उनके फोन में वायरस डालना है. यह भी पढ़ें: Fatima Jatoi and Arohi Mim: भारत में क्यों ट्रेंड कर रहे हैं पाकिस्तान-बांग्लादेश के ‘लीक वीडियो’? साइबर एक्सपर्ट्स ने किया बड़ा खुलासा

2026 के तीन सबसे खतरनाक 'ट्रैप'

साइबर विशेषज्ञों ने इस समय चल रहे तीन प्रमुख ट्रेंड्स की पहचान की है:

  • 'मुंबई सुरेश' (लोकल गॉसिप स्कैम): इस स्कैम में एक आम भारतीय नाम और शहर का उपयोग किया जाता है ताकि यह ‘पड़ोस की गपशप’ जैसा लगे. व्हाट्सएप पर दावा किया जाता है कि ‘मुंबई के सुरेश’ का किसी महिला के साथ वीडियो लीक हुआ है. असल में सुरेश नाम का कोई व्यक्ति नहीं है; यह केवल क्लिक पाने के लिए बनाया गया एक 'बोट' (Bot) नेटवर्क है.
  • '12 मिनट 46 सेकंड' (SEO पॉइजनिंग): जालसाजों ने 12:46 जैसे अजीब टाइमस्टैम्प का उपयोग किया है. जब लोग गूगल पर इस विशिष्ट समय वाले वीडियो को खोजते हैं, तो वे फर्जी वेबसाइटों पर पहुंच जाते हैं. वहां ‘वीडियो प्लेयर अपडेट’ करने के नाम पर फोन में ट्रोजन हॉर्स (Trojan Horse) जैसा खतरनाक वायरस डाउनलोड करवा दिया जाता है.
  • 'सर सर प्लीज' (इमोशनल ऑडियो ट्रैप): इसमें एक लड़की के रोने और मिन्नतें करने की आवाज वाले धुंधले वीडियो का इस्तेमाल होता है. यह ऑडियो अक्सर पुराने या स्क्रिप्टेड वीडियो से चुराया जाता है. इसके कमेंट सेक्शन में दिए गए ‘फुल वीडियो’ लिंक सीधे फेसबुक या इंस्टाग्राम के फर्जी लॉगिन पेज पर ले जाते हैं, जहां से आपके सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिए जाते हैं.

पायल गेमिंग का मामला: कैसे दें अपराधियों को जवाब?

इन साइबर अपराधियों से निपटने का सबसे बड़ा उदाहरण मशहूर गेमर पायल धारे (Payal Gaming) ने पेश किया है. साल 2025 के अंत में पायल को '19 मिनट 34 सेकंड' वाले डीपफेक वीडियो के जरिए निशाना बनाया गया था.

पायल ने डरने के बजाय महाराष्ट्र साइबर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन फर्जी क्लिप्स को फैलाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया. पायल ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े यूट्यूबर MrBeast के साथ वीडियो जारी कर यह साबित कर दिया कि ठोस कानूनी कार्रवाई और मानसिक मजबूती से इन अफवाहों को हराया जा सकता है.

डीपफेक अब मीम्स नहीं रहे, वे एक साइबर खतरा हैं: पायल गेमिंग से सीखें:

 

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खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने यूजर्स के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • क्लिक न करें: यदि कोई लिंक ‘फुल लीक वीडियो’ का वादा करता है, तो वह शत-प्रतिशत एक जाल है.
  • रिपोर्ट करें: टेलीग्राम, X (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर ऐसे संदिग्ध पोस्ट को तुरंत रिपोर्ट करें.
  • हेल्पलाइन का उपयोग करें: यदि आप किसी स्कैम का शिकार हुए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के नंबर 1930 पर कॉल करें.
  • सत्यापन करें: याद रखें कि अधिकांश हाई-प्रोफाइल "लीक" वास्तव में AI-जनरेटेड डीपफेक (Deepfake) होते हैं. यह भी पढ़ें: Fatima Jatoi: कौन हैं फातिमा जटोई? '6 मिनट 39 सेकंड' के कथित वीडियो लीक और डीपफेक विवाद की क्या है पूरी सच्चाई?

डिजिटल युग में आपकी जिज्ञासा आपकी सबसे बड़ी कमजोरी हो सकती है. 'मुंबई सुरेश' या अन्य किसी भी वायरल लिंक को सर्च करने से बचें और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखें.