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कोरोना से जंग के लिए 21 दिन का लॉकडाउन सही, यूरोपीय थिंक टैंक ने मोदी सरकार को सराहा, कहा ‘ये आसान काम नहीं’

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच यूरोपीय थिंक टैंक (European Think-Tank) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के फैसले की तारीफ की है. प्रमुख यूरोपीय थिंक टैंक ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) महामारी के प्रसार को रोकने की दिशा में भारत सरकार द्वारा उठाया गया लॉकडाउन का कदम सही है.

कोरोना से जंग के लिए 21 दिन का लॉकडाउन सही, यूरोपीय थिंक टैंक ने मोदी सरकार को सराहा, कहा ‘ये आसान काम नहीं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits- PTI)

एम्स्टर्डम: कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच यूरोपीय थिंक टैंक (European Think-Tank) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) के फैसले की तारीफ की है. प्रमुख यूरोपीय थिंक टैंक ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) महामारी के प्रसार को रोकने की दिशा में भारत सरकार द्वारा उठाया गया लॉकडाउन का कदम सही है.

एम्स्टर्डम-आधारित थिंक-टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) ने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन को लागू करना एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है. ईएफएसएएस ने कहा कि भारत जैसे देश में लॉकडाउन के जरिए 130 करोड़ लोगों को घर के अंदर रखना आसान बात नहीं है. जबकि इतनी बड़ी जनसंख्या को सोशल डिस्टेंसिंग से अवगत कराना अव्यावहारिक है. कोरोना वायरस से अमेरिका में तबाही, एक दिन में 518 लोगों की मौत

ईएफएसएएस के निदेशक जुनैद कुरैशी (Junaid Qureshi) ने कहा "मेरी राय में कोविड-19 के प्रसार के खिलाफ लड़ाई में लॉकडाउन का निर्णय एक बहुत अच्छा और बहुत महत्वपूर्ण कदम है. यूरोपीय देशों सहित कई देशों ने कोरोना मामलों की अपार वृद्धि के बाद आक्रामक कदम उठाए. जबकि भारत ने महामारी को फैलने से रोकने के लिए बहुत समय ना लेते हुए अपनी सीमाओं को बंद कर दिया और देशभर में लॉकडाउन किया.

उन्होंने कहा, "भारत सरकार ने बहुत पहले ही महसूस कर लिया था कि भारत जैसे देश में इस महामारी का प्रसार विनाशकारी साबित हो सकता हैं. यहीं वजह है कि भारत में कोरोना वायरस के मामलों और मौतों की संख्या विस्फोटक स्थिति में नहीं पहुंची. ये भारत की दूरदर्शिता को दर्शाता है.

हालांकि यूरोपीय थिंक टैंक ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम से देश की अर्थव्यवस्था और गरीबों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. हालांकि सक्रिय उपायों ने थोड़ी राहत जरुर दी है.

कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 24 मार्च आधी रात से 21 दिन के लिए देशभर में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी. उन्‍होंने तब जोर देकर कहा था कि कोरोनो वायरस की श्रृंखला को तोड़ना बहुत आवश्यक है. इसलिए लॉकडाउन की अवधि में लोग घरों से बाहर कदम ना रखे. हालांकि जरुरी सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सोमवार रात तक इस वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या अब तक 1353 हो गई है. जिसमें 49 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. जबकि देश में अभी तक इस घातक विषाणु से ग्रस्त 32 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 102 लोग इस बीमारी से निजात पा चुके हैं या इनको अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2020 11:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).