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Class 1 Admission New Bill: गोवा में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए अब 6 साल होगी न्यूनतम उम्र, सरकार ने विधानसभा में पेश किया नया विधेयक

गोवा सरकार ने विधानसभा में 'गोवा स्कूल शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया है. इस कानून के तहत पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 5.5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने का प्रस्ताव है, ताकि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप बनाया जा सके.

Class 1 Admission New Bill: गोवा में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए अब 6 साल होगी न्यूनतम उम्र, सरकार ने विधानसभा में पेश किया नया विधेयक
(Photo Credits FB)

Class 1 Admission New Bill: गोवा सरकार ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (CM Pramod Sawant) ने मंगलवार को विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान 'गोवा स्कूल शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य पहली कक्षा (Class 1) में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा को बढ़ाकर 6 वर्ष करना है. यह निर्णय केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों के साथ तालमेल बिठाने के लिए लिया गया है.

क्या है प्रस्तावित बदलाव?

नया विधेयक 'गोवा स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1984' की धारा 18 में संशोधन की मांग करता है. वर्तमान नियमों के अनुसार, अब तक 5 साल 6 महीने की आयु वाले बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश की अनुमति थी.

6 साल पूरे नहीं होने पर नहीं मिलेगा दाखिला

संशोधन के बाद, यदि किसी बच्चे की आयु शैक्षणिक वर्ष के 1 जून को या उससे पहले 6 वर्ष पूरी नहीं हुई है, तो वह किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पात्र नहीं होगा.

शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए विशेष छूट

सरकार ने उन बच्चों और अभिभावकों की सुविधा का भी ध्यान रखा है जो पहले से ही स्कूली प्रक्रिया (प्री-प्राइमरी) का हिस्सा हैं. विधेयक में एक बार के लिए छूट (Relaxation) का प्रावधान दिया गया है:

  • शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए, जिन बच्चों ने 1 जून 2025 तक 5 साल 6 महीने की उम्र पूरी कर ली है, उन्हें पहली कक्षा में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.

  • यह छूट इसलिए दी गई है ताकि छात्रों की पढ़ाई के निरंतर प्रवाह में कोई बाधा न आए.

उच्च कक्षाओं के लिए भी कड़े नियम

संशोधित कानून केवल पहली कक्षा तक सीमित नहीं है. यदि कोई छात्र पहली बार किसी ऊंची कक्षा (Class 1 से ऊपर) में प्रवेश लेना चाहता है, तो उसकी आयु की गणना पहली कक्षा के आधार पर की जाएगी. सामान्य स्कूली शिक्षा के वर्षों को घटाने के बाद, यदि बच्चे की आयु पहली कक्षा के प्रवेश के समय के हिसाब से 6 वर्ष से कम बैठती है, तो उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

NEP 2020 और राष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, जिनके पास शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी है, ने स्पष्ट किया कि ये बदलाव नियामक प्रकृति के हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, दोनों ही औपचारिक स्कूली शिक्षा की शुरुआत के लिए 6 वर्ष की न्यूनतम आयु निर्धारित करते हैं.

संशोधन के पीछे सरकार का मकसद

इस संशोधन का उद्देश्य गोवा के शिक्षा ढांचे को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रस्तावित संशोधन से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 14, 2026 03:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).