Fact Check: क्या असम में अवैध बांग्लादेशियों ने हाथों में डंडे लेकर पुलिस पर हमला किया, जाने वायरल हो रहे इस वीडियो की सच्चाई
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Fact Check: सोशल मीडिया पर रोजाना कई वीडियो गलत दावें के साथ वायरल किए जाते है. जिसके कारण लोगों में ग़लतफ़हमी और भ्रम फैल जाता है. कभी कभी इन वीडियो के कारण हिंसा भी हो जाती है. ऐसा ही एक वीडियो भारत के नाम से प्रसारित किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो असम का है और इस वीडियो में जो लोग दिखाई दे रहे है,वह अवैध रूप से असम में रहनेवाले बांग्लादेशियों का है, जो अतिक्रमण के विरोध को लेकर हाथों में डंडे लेकर पुलिस प्रशासन का विरोध कर रहे है.

दावा किया गया कि यह अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, जो असम के गोलपाड़ा जिले में सुरक्षा बलों पर हमला करने जा रहे हैं. ये भी पढ़े:Fact Check: क्या सच में असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा को किया गया गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का दावा है फर्जी, जाने इसकी सच्चाई

बांग्लादेश का वीडियो असम के नाम से वायरल

ये वीडियो बांग्लादेश का है

क्या था दावा

एक्स अकाउंट @MithilaWaala ने यह वीडियो शेयर किया और लिखा कि “अवैध बांग्लादेशियों ने घर में बने भालों से लैस होकर असम के गोलपाड़ा में अधिकारियों और पुलिस पर हमला करने की तैयारी की है.

जांच में क्या सामने आया

पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने InVid टूल से वीडियो के कई की-फ्रेम निकाले और उन्हें Google Lens पर खोजा. नतीजों में पता चला कि यही वीडियो पहले बांग्लादेश के समाचार पोर्टल डेली सन के फेसबुक पेज पर 1 जुलाई 2025 को प्रकाशित हुआ था.रिपोर्ट में बताया गया कि यह फुटेज बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प का है, जो अष्टग्राम, किशोरगंज में हुई थी.

बांग्लादेश में हुई असली घटना

ढाका मेल की रिपोर्ट के अनुसार, यह झड़प 1 जुलाई की सुबह खैरपुर-अब्दुल्लापुर यूनियन के अब्दुल्लापुर गांव में हुई थी.हिंसा की वजह यूनियन बीएनपी अध्यक्ष कमाल पाशा और जिला वालंटियर पार्टी के संयुक्त संयोजक फरहाद अहमद के बीच लंबे समय से चल रहा राजनीतिक और पारिवारिक विवाद था.

भारत का वीडियो होने का दावा झूठा

इस वीडियो को सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर गलत दावें के साथ वायरल किया जा रहा है. जबकि इस दावे का भारत का कोई संबंध नहीं है. ऐसे वीडियो को शेयर करने से पहले इसकी सत्यता की जांच कर ले.