Gudi Padwa 2026 Wishes: गुड़ी पड़वा के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए अपनों को दें पर्व की शुभकामनाएं
महाराष्ट्र में हिंदू नववर्ष को 'गुड़ी पड़वा' कहा जाता है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में इसे 'उगादी' के नाम से जाना जाता है. इस दिन पारंपरिक व्यंजन जैसे 'पूरन पोली' और नीम-मिश्री का प्रसाद बनाया जाता है, साथ ही शुभकामना संदेश शेयर किए जाते हैं. ऐसे में आप भी इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Gudi Padwa 2026 Wishes in Hindi: भारत के विभिन्न हिस्सों में वसंत ऋतु के आगमन और नई फसल के साथ ही हिंदू नव वर्ष का उत्सव शुरू होने जा रहा है. इस वर्ष 'गुड़ी पड़वा' (Gudi Padwa) का पर्व 19 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार महाराष्ट्र (Maharashtra), कर्नाटक (Karnataka), आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और तेलंगाना (Telangana) में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है. इसी पावन तिथि से चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है.
गुड़ी पड़वा के दिन घरों के बाहर 'गुड़ी' यानी विजय ध्वज फहराने की प्राचीन परंपरा है. मान्यता है कि घर की ऊंची जगह पर गुड़ी लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है. इसे रेशमी कपड़े, नीम की पत्तियों, फूलों की माला और तांबे या पीतल के पात्र से सजाया जाता है. यह न केवल नए साल के स्वागत का प्रतीक है, बल्कि जीवन में हर प्रकार की बाधाओं पर विजय पाने का संकल्प भी है.
महाराष्ट्र में हिंदू नववर्ष को 'गुड़ी पड़वा' कहा जाता है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में इसे 'उगादी' के नाम से जाना जाता है. इस दिन पारंपरिक व्यंजन जैसे 'पूरन पोली' और नीम-मिश्री का प्रसाद बनाया जाता है, साथ ही शुभकामना संदेश शेयर किए जाते हैं. ऐसे में आप भी इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गुड़ी पड़वा का संबंध कई महत्वपूर्ण धार्मिक घटनाओं से है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इस दिन ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है. रामायण काल की एक प्रचलित कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही बाली के अत्याचारों से प्रजा को मुक्ति दिलाई थी. बाली के वध और सुग्रीव को राज्य वापस मिलने की खुशी में लोगों ने अपने घरों पर विजय पताका (गुड़ी) फहराई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

