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दिल्ली: यमुना नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा, लोहे के पुराने पुल को किया गया बंद- अगले 2 दिन भारी

इस वक्त यमुना का जलस्तर 205.94 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से 0.61 मीटर ज्यादा है. लोहे के पुराने पुल को पैदल आवाजाही तथा वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि दिल्ली में बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह तक है.

दिल्ली: यमुना नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा, लोहे के पुराने पुल को किया गया बंद- अगले 2 दिन भारी
दिल्ली: यमुना नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा (Photo Credits-ANI)

दिल्ली (Delhi)  में यमुना (Yamuna) नदी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच चुकी है. हरियाणा से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. दिल्ली पर बाढ़ का खतरा है. यमुना के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार भी अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने सोमवार दोपहर आपात बैठकर बुलाकर स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया. हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दिल्ली में चार दशक की सबसे बड़ी बाढ़ का खतरा है. इस वक्त यमुना का जलस्तर 205.94 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से 0.61 मीटर ज्यादा है. लोहे के पुराने पुल को पैदल आवाजाही तथा वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि दिल्ली में बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह तक है. इसे लेकर सभी विभाग अलर्ट पर हैं.

प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए दिल्ली और आसपास के यमुना के निचले इलाकों को खाली करवा रही है ताकि किसी भी तरह की आपदा से समय रहते बचा जा सके. बताया जा रहा है कि यमुना का जलस्तर 207 मीटर तक जा सकता है. अगले दो दिन यमुना के जलस्तर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है. केजरीवाल सरकार ने इस बाबत यमुना के तटबंध को खाली कराने का काम शुरू कर दिया गया है. उन्हें अस्थायी रूप से बनाए गए टेंट में शिफ्ट किया जा रहा है.

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टेंट में रह रहे लोगों के लिए पानी, बिजली और खाने की व्यवस्था की जा रही है. 30 बोट पर लगातार यमुना के तटबंध इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है. 27 से अधिक गोताखोरों की टीम तैनात की गई है. सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यमुना के किनारे बसे 24 हजार लोगों को हटाने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने उनके लिए 2100 से ज्यादा अस्थायी टेंट बनाए हैं.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "हथिनी कुंड बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. अगले दो दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. सरकार ने सभी जरूरी उपाय कर लिए है. सभी विभागों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. यमुना तटबंध में रह रहे लोगों को खाली कराया जा रहा है. सरकार ने कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है. किसी भी तरह की परेशानी होने पर या फंसे होने पर लोग वहां से मदद ले सकते है."

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2019 11:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).