CRPF Personnel Held by NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सीआरपीएफ के एक जवान (CRPF Jawan) को देश के खिलाफ जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी जवान की पहचान मोतीराम के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर तैनात था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोतीराम जाट (CRPF personnel Moti Ram Jat Arrested) के सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखने के दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला. इसके बाद CRPF और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की.
शुरुआती जांच में जब पुख्ता सबूत मिले तो उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया. इसके अलावा CRPF ने उसी दिन उसे सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया.
CRPF जवान जासूसी के आरोप में बर्खास्त
The National Investigation Agency (NIA) has arrested a CRPF personnel, Moti Ram Jat, from Delhi for sharing sensitive national security information with Pakistan Intelligence Officers (PIOs) since 2023. According to the NIA, the accused was involved in espionage activities and… pic.twitter.com/S0ss6bdKYK
— IANS (@ians_india) May 26, 2025
संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंटों को भेजीं
NIA की जांच में सामने आया है कि मोती राम ने सेना की तैनाती, सुरक्षा ऑपरेशन और अन्य संवेदनशील सूचनाएं पैसों के बदले पाकिस्तान के एजेंटों को भेजीं. NIA ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने उसे 15 दिन की NIA हिरासत में भेजा है.
कोर्ट ने माना कि इस मामले की गहराई से जांच जरूरी है क्योंकि इससे देश की सुरक्षा पर बड़ा खतरा हो सकता है. कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया कि "सशस्त्र बल देश की सुरक्षा का स्तंभ हैं, और ऐसी किसी भी हरकत की गंभीरता से जांच होनी चाहिए."
अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नजर रख रही हैं. मई महीने में ही पंजाब, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में अब तक 19 लोगों को सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने और पाकिस्तान से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है.
इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर दिया है कि दुश्मन देश सोशल मीडिया और अन्य साधनों के जरिए भारतीय सुरक्षाबलों में सेंध लगाने की कोशिशें कर रहे हैं.













QuickLY