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कोरोना महामारी: समझें क्या है टोटल, एक्टिव और रिकवर्ड केस की संख्या

कोरोना महामारी: समझें क्या है टोटल, एक्टिव और रिकवर्ड केस की संख्या
कोरोना से जंग | प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: PTI)

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कुल केस देश में 7 लाख के करीब पहुंचने वाले हैं.ऐसे टोटल केस, एक्टीव केस, रिकवर्ड या डिस्चार्ज और डेथ केस जैसे कई नंबर बताए जाते हैं. लेकिन अक्सर लोग कुल केस देख कर घबरा जाते हैं, तो कई लोग कोरोना के पीक को लेकर चिंतित हैं। इस पर हमने लेडी हार्डिंग कॉलेज के चिकित्सक डॉ. घनश्‍याम पांग्टेय से बात की.  उन्‍होंने कहा कि अभी देश में कोरोना के मामले और बढ़ेंगे. प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. घनश्‍याम पांग्‍टेय ने बताया कि भारत में कोविड केस कंट्रोल में हैं.

किसी को केस की संख्या देख कर घबराने की जरूरत नहीं है। अब टोटल केस नहीं बल्कि टोटल एक्टिव केस देखें, क्योंकि अगर 7 लाख के करीब केस हैं तो साढ़े तीन लाख लोग ठीक हो चुके हैं यानी वे रिकवर्ड और डिस्चार्ज की श्रेणी में हैं। जबकि एक्टिव केस 2 लाख 50 हजार के करीब है। डॉ. पांग्‍टेय कहते हैं कि 135 करोड़ में ये केस .01 के करीब है। लेकिन ये केस बढ़ेंगे, आने वाले समय में 15 से 25 लाख हो सकते हैं। लेकिन एक्टिव केस 5-7 लाख होंगे तो हमारे लिए कामयाबी का विषय होगा। क्योंकि ये लोग अस्पताल में होंगे और 10 दिन में ये भी ठीक हो जाते हैं. यह भी पढ़े: महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के मामले 2 लाख के पार, 1 दिन में 295 संक्रमितों की हुई मौत

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश की आबादी 135 करोड़ के करीब है और अभी देश में 7 लाख के करीब लोग संक्रमित हैं। अभी एक करोड़ से बहुत दूर हैं। यानी एक प्रतिशत भी आबादी संक्रमित नहीं हुई है। उम्मीद है आने वाले समय में लोगों के सहयोग से और केस कम होंगे.

बड़ी संख्या में संक्रमित होने पर इलाज मुश्किल

संक्रमण और एक्टिव केस कम करने के लिए लोगों को और सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में डॉ पांग्‍टेय कहते हैं कि अगर थोड़ी भी लापरवाही की तो संक्रमण के केस बढ़ जाएंगे। जैसा की हमारे देश में आबादी ज्यादा है, उस लिहाज से समय पर सबको इलाज मिलना जरूरी है। लेकिन एक साथ अगर बड़ी संख्या में लोग संक्रमित होंगे तो, उन्हें जल्दी इलाज मिलने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए लोग कम संक्रमित हों तो बाहर कम से कम जाएं। बहुत जरूरी पड़ने पर नियमों का पालन करें। हांलाकि दिल्ली में सरदार बल्लभव भाई पटेल कोविड सेंटर की शुरूआत की गई है, जिसे कोविड के लिए ही बनाया गया है.

होम आइसोलेशन में खुद करें अपना काम

1000 बेड वाला अस्थाई इस अस्पताल में उन मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो गंभीर रूप से संक्रमित हैं और उन्हें आईसीयू की जरूरत है। डॉ पांग्‍टेय ने के अनुसार 60-70 प्रतिशत मरीजों को बहुत कम लक्षण होते हैं, उन्हें होम आइसोलेशन में रखने को कहा जाता है। 20-30 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल की जरूरत पड़ती है, या जो कोमोरबिडिटी से ग्रसित हैं। वहीं कम लक्षण वाले जो कोई होम आइसोलेट होता है तो उनके पास एक अलग से बाथरूम वाला कमरा हो तो सही है. एक कोविड नेगेटिव वाला कोई सदस्य देख-रेख के लिए होना चाहिए, ताकि अगर अचानक बीमारी बढ़ती है तो तुरंत अस्पताल ले जा सके। संक्रमित को अपने कपड़े, कमरे आदि की साफ-सफाई खुद करना है। जब भी लक्षण बढ़ें या शरीर नीला पड़े तो तुरंत अस्पताल जाएं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2020 07:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).