LPG Price Cut: तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून से कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है. अब 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹24 कम हो गई है. दिल्ली में अब यह सिलेंडर ₹1,723.50 में मिलेगा, जो पहले ₹1,747.50 था. यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है. मई की शुरुआत में भी इन कंपनियों ने 19 किलो के सिलेंडर पर ₹14.50 की राहत दी थी. हाल ही में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है, लेकिन इसका असर आम जनता पर नहीं पड़ा है क्योंकि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां इसका बोझ खुद उठा रही हैं.
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के चलते कंपनियां इस बोझ को झेल पाने में सक्षम हैं.
1 जून से सस्ता हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर
Oil marketing companies have revised the prices of commercial LPG gas cylinders. The rate of a 19 kg commercial LPG gas cylinder has been reduced by Rs 24, effective on June 1. In Delhi, the retail sale price of a 19 kg commercial LPG cylinder is Rs 1723.50 from June 1.
— ANI (@ANI) May 31, 2025
आपके शहर में नई कीमतें:
- दिल्ली: ₹1,723.50
- मुंबई: ₹1,675.00 (पहले ₹1,699.00)
- कोलकाता: ₹1,827.50 (पहले ₹1,851.50)
- बेंगलुरु: ₹1,796.50 (पहले ₹1,820.50)
- जयपुर: ₹1,752.00 (पहले ₹1,776.00)
- चंडीगढ़: ₹1,743.00 (पहले ₹1,767.00)
- भुवनेश्वर: ₹1,868.00 (पहले ₹1,892.00)
- नोएडा: ₹1,723.50 (पहले ₹1,747.50)
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) भी हुआ सस्ता
सिर्फ गैस ही नहीं, बल्कि विमान ईंधन की कीमतों में भी कटौती की गई है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में लगभग ₹3,954.38 प्रति किलोलीटर की कटौती की गई है, जिससे नई कीमत ₹85,486.80 प्रति किलोलीटर हो गई है.
यह कटौती एयरलाइंस कंपनियों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि उनके कुल खर्च का 30% हिस्सा ईंधन पर होता है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है बड़ी वजह
दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं. ब्रेंट क्रूड ऑयल अब करीब $63 प्रति बैरल पर पहुंच चुका है, जो अप्रैल 2021 के बाद सबसे कम है. इस गिरावट का फायदा भारत जैसे देश को मिल रहा है, जो अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है.
सऊदी अरब ने भी साफ कर दिया है कि वो फिलहाल उत्पादन में कोई कटौती नहीं करेगा, जिससे ओपेक (OPEC) का असर भी सीमित होता दिख रहा है. इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक है – इंपोर्ट बिल घट रहा है, रुपये को मजबूती मिल रही है और महंगाई पर भी कंट्रोल हो रहा है.













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