जब किसी मामले का राजनीतिक रंग नहीं होता, सीबीआई तब अच्छा काम क्यों करती है: CJI रंजन गोगोई
सीजेआई रंजन गोगोई ने मंगलवार को सीबीआई के एक कार्यक्रम में सवाल किया कि ऐसा क्यों होता है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है. उन्होंने कहा, ‘यह सच है, कि कई हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में एजेंसी न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाई है. यह बात भी उतनी ही सच है कि इस प्रकार की खामियां संभवत: कभी-कभार नहीं होती. ’
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) ने मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के एक कार्यक्रम में सवाल किया कि ऐसा क्यों होता है कि जब किसी मामले का कोई राजनीतिक रंग (Political Overtone) नहीं होता, तब सीबीआई अच्छा काम करती है. न्यायमूर्ति गोगोई ने दो वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित किए गए डी. पी. कोहली स्मारक व्याख्यान (DP Kohli Memorial lecture) के 18वें संस्करण में एजेंसी की कमियों और ताकतों के बारे में स्पष्ट बात की और उसे आगे बढ़ने के बारे में सलाह भी दी.
उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है, कि कई हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में एजेंसी न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाई है. यह बात भी उतनी ही सच है कि इस प्रकार की खामियां संभवत: कभी-कभार नहीं होती.’’ यह भी पढ़ें- प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई बोले- देश की न्यायपालिका खतरे में
CJI Gogoi at 18th DP Kohli Memorial Lecture in Delhi: Gap that exists in CBI is qualitative & quantitative. Such gaps exist not only on operational end but also on command side with 15% posts in executive ranks, 28% in law officers & above 50% in technical officers lying vacant. pic.twitter.com/VqUw3tDIj5
— ANI (@ANI) August 13, 2019
न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि इस प्रकार के मामले प्रणालीगत समस्याओं को उजागर करते हैं और संस्थागत आकांक्षाओं, संगठनात्मक संरचना, कामकाज की संस्कृति और शासी राजनीति के बीच समन्वय की गहरी कमी की ओर संकेत करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2019 08:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

