लॉकडाउन-2: गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, अब इन सेवाओं को भी मिलेगी छूट- देखें पूरी लिस्ट
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लॉकडाउन संबंधित दिशानिर्देश जारी करते हुए शहरी इलाकों में वरिष्ठ नागरिकों की घर में देखभाल करने वालों, प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज जैसी जनोपयोगी सेवाओं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों आदि को प्रतिबंधों से छूट दी है.
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को लॉकडाउन (Lockdown) संबंधित एक नया दिशानिर्देश जारी किया. इसमें शहरी इलाकों में वरिष्ठ नागरिकों की घर में देखभाल करने वालों, प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज जैसी जनोपयोगी सेवाओं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों आदि को लॉकडाउन प्रतिबंधों से छूट दी गई है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की उनके घरों में देखभाल करने वाले सहायकों और प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन के लिए रिचार्ज सुविधाओं सहित सार्वजनिक उपयोगिताओं वाली सेवाओं के लिए अनुमति दी जाएगी. साथ ही शहरी क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लॉकडाउन के दौरान काम करने की अनुमति दी जाएगी. इनमें ब्रेड कारखाने, दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र, आटा मिलें, दाल मिलें आदि शामिल हैं. पिछले 24 घंटे में मिले कोरोना के 1336 नए मरीज, 705 संक्रमित हुए ठीक- सुधार प्रतिशत भी बढ़ा
जबकि, कृषि और वानिकी वस्तुओं, छात्रों के लिए शैक्षिक पुस्तकों की दुकानों, बिजली के पंखे की दुकानों, बागवानी उत्पादन, अनुसंधान प्रतिष्ठान आदि को लॉकडाउन में खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों, कार्यशालाओं, कारखानों और प्रतिष्ठानों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
Ministry of Home Affairs (MHA) issues order to include additional agricultural and forestry items, shops of educational books for students, shops of electric fans and movement of Indian seafarers in lockdown guidelines, gives SoP on sign-on/sign-off for Indian seafarers. pic.twitter.com/NBnQ6BkX34
— ANI (@ANI) April 21, 2020
इस सूची में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बागवानी, मत्स्यपालन और पशुपालन शामिल हैं. सरकार ने ग्रामीण इलाकों में को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान, पानी की सप्लाई, बिजली और संचार से जुड़ी परियोजनाओं और गतिविधियों को छूट दी गई है. इसके अलावा सरकार ने बांस, नारियल, सुपारी, कोको, मसालों की खेती, कटाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, फल-सब्जी के ठेले, साफ-सफाई का सामान बेचने वाली दुकानें, किराना और राशन की दुकानें, डेयरी और दूध बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली और चारा बेचने वाली दुकानें,इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सर्विसेस सभी को कुछ पाबंदियों के साथ इजाजत दी है. जबकि ई-कॉमर्स कंपनियां को भी जरुरी चीजों के डिलीवरी का काम शुरू करने को कहा गया है.
वहीं, गांवों में ईंट भट्टों और फूड प्रोसेसिंग में काम को मंजूरी दी गयी है. कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सर्विस शुरू हुई. फिशिंग व्यवसाय भी शुरू हो जाएगा, जिससे मछलियों का भोजन, मेंटेनेंस, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री शुरू हुई. हैचरी और कमर्शियल एक्वेरियम भी खुल गया. मनरेगा के तहत काम करने की इजाजत भी दी गई.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सोमवार (20 अप्रैल) से कुछ सरकारी गतिविधियों को इजाजत दी हुई है. हालांकि यह छूट देश के उन इलाकों में लागू होगी, जहां जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं के बराबर है, या बहुत कम है. हालांकि कंटनेमेंट जोन में इनकी इजाजत नहीं रहेगी. (एजेंसी इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 12:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

