Todays (28 April) Forecast: पूरा पूर्वी भारत आज से मौसम के बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आज दोपहर या शाम के समय भीषण आंधी-तूफान आने की संभावना है. इतना ही नहीं, पूर्वोत्तर भारत, केरल, दक्षिण तमिलनाडु और कर्नाटक के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में भी तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश देखने को मिलेगी. कोलकाता में 28 अप्रैल से 4 मई के बीच लगातार भीषण आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इस दौरान कोलकाता और आसपास के इलाकों में भारी गरज-चमक और बिजली गिरने के कई दौर देखने को मिल सकते हैं.
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कई इलाकों में ओलावृष्टि के आसार
Todays (28 April) Forecast: massive thunderstorms expected over Bihar, Jharkhand, West Bengal, Odisha and north Andhra in afternoon or evening. Parts of northeast India and Kerala, south Tamilnadu and north and west Karnataka will also experience intense thunderstorms activities.… pic.twitter.com/fSDVHCClJa
— 🔴All India Weather (@pkusrain) April 28, 2025
पूर्वी भारत में जमकर होगी बारिश
1 मई से 4-5 मई तक पूर्वी भारत में जोरदार बारिश का दौर चलेगा. उसके बाद 4-5 मई से लेकर 10 मई के बीच उत्तरी-पश्चिमी भारत यानी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भीषण आंधी-तूफान देखने को मिलेगा.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक विशाल सबट्रॉपिकल सिस्टम इस समय बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है. इसकी वजह से इन इलाकों में बड़ी संख्या में गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं, जो तेज बारिश और आंधी का कारण बनेंगे.
सावधानी बरतने की जरूरत
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी-तूफान के दौरान भारी बिजली गिर सकती है. ऐसे में अगर मौसम बिगड़े तो घर के अंदर ही रहें, खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें। किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहकर मौसम की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.
क्यों आते हैं आंधी-तूफान?
आंधी-तूफान बनने के लिए कई जटिल मौसमीय स्थितियां ज़िम्मेदार होती हैं. सबसे जरूरी बात है कि सतह गर्म हो और वातावरण अस्थिर हो (यानि हवा ऊपर उठने पर ठंडी होती जाए). साथ ही वातावरण में अच्छी नमी होनी चाहिए, ऊपरी सतहों पर हल्का विंड शियर (हवाओं का बदलना) हो और किसी बड़े सिस्टम से लो-लेवल कन्वर्जेंस या अपर-लेवल डाइवरजेंस यानी हवाओं का मिलना या बिखरना हो.
जब ये सारी चीजें मिलती हैं, तो आसमान में भीषण आंधी-तूफान तैयार हो जाता है.













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