केदारनाथ धाम में आचार्य संतोष त्रिवेदी उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन के खिलाफ कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन, कहा- 'भंग नहीं किया, तो बड़ा विरोध होगा'
आचार्य संतोष त्रिवेदी ने उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन के खिलाफ 'शीर्षासन' में केदारनाथ तीर्थ के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, "मैं 7 दिनों तक इस तरह का विरोध करूंगा. अगर राज्य सरकार ने इस बोर्ड को भंग नहीं किया, तो एक बड़ा विरोध होगा...
आचार्य संतोष त्रिवेदी (Acharya Santosh Trivedi) ने उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन के खिलाफ 'शीर्षासन' में केदारनाथ तीर्थ के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, "मैं 7 दिनों तक इस तरह का विरोध करूंगा. अगर राज्य सरकार ने इस बोर्ड को भंग नहीं किया, तो एक बड़ा विरोध होगा. उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर पुजारी केदारनाथ मंदिर के बाहर मौन धरने पर बैठ गए हैं. रविवार 13 जून को पुजारियों के धरने का तीसरा दिन था. इस धरने पर उन्होंने उपवास भी रखा है. केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने कहा है कि अगर राज्य सरकार द्वारा गठित बोर्ड को जल्द भंग नहीं किया गया तो विरोध और तेज हो जाएगा. यह भी पढ़ें: केदारनाथ धाम के कपाट खुलें, कोरोना संकट के चलते भक्तों को अनुमति नहीं
देवस्थानम बोर्ड के विरोध में पुजारियों ने कहा कि इस बोर्ड के बनने से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है. केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के मुताबिक मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद बोर्ड पर दोबारा विचार करने का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा, 'हालांकि अब दोबारा विचार करने की बजाय बोर्ड का विस्तार किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
देखें ट्वीट:
Acharya Santosh Trivedi protests outside Kedarnath Shrine in 'Shirshasana' against formation of Uttarkhand Char Dham Devasthanam Management Board, saying, "I will protest like this for 7 days. If the State govt didn't dissolve this board, there will be a major protest." pic.twitter.com/pzxqmFWSHt
— ANI (@ANI) June 16, 2021
पुजारियों ने चेतावनी दी कि जब तक बोर्ड भंग नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा. केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के सदस्य अंकित सेमवाल ने कहा, ''फिलहाल बोर्ड द्वारा केवल सांकेतिक उपहास किया जा रहा है और अगर सरकार जल्द ही कोई फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा.''
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2021 01:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

