बॉलीवुड

Ranveer Singh: रणवीर सिंह इंडियन साइन लैंग्वेज को बनाना चाहते हैं आधिकारिक भाषा, पढ़ें डिटेल्स

भारत के बधिर समुदाय ने अभिनेता रणवीर सिंह द्वारा भारतीय सांकेतिक भाषा(इंडियन साइन लैंग्वेज) को आधिकारिक भाषा बनाने के प्रयास की सराहना की है. रणवीर अधिकारियों से भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा के रूप में चिह्न्ति करने और घोषित करने का आग्रह कर रहे हैं

Ranveer Singh: रणवीर सिंह इंडियन साइन लैंग्वेज को बनाना चाहते हैं आधिकारिक भाषा, पढ़ें डिटेल्स
रणवीर सिंह (Photo Credits : Instagram)

भारत के बधिर समुदाय ने अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) द्वारा भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) (इंडियन साइन लैंग्वेज) को आधिकारिक भाषा बनाने के प्रयास की सराहना की है. रणवीर अधिकारियों से भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा के रूप में चिह्न्ति करने और घोषित करने का आग्रह कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में इस कार्य के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक याचिका पर हस्ताक्षर किए.

नवजर ईरानी के साथ मिलकर बनाया उनका स्वतंत्र रिकॉर्ड लेबल इंकइंक ने साइन लैंग्वेज म्यूजि़क वीडियो भी जारी किए हैं. ऐसे में भारत में बधिर समुदाय के 25 सदस्यों ने उनके लिए धन्यवाद वीडियो बनाकर, उसके माध्यम से सराहना की. सदस्यों ने कहा, "आईएसएल को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रणवीर सिंह के प्रयास के बारे में सुनकर हम बहुत खुश हुए. हमें बहुत खुशी है कि वह इसका समर्थन करते हैं." उन्होंने आगे कहा, "भारतीय सांकेतिक भाषा एक सुंदर भाषा है. हम बधिर समुदाय के प्रति समर्थन दिखाने के लिए रणवीर को धन्यवाद देना चाहते हैं." यह भी पढ़े: Mega Icons: Mega Icons: दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह समेत कई सेलिब्रिटीज टेलीविजन पर करेंगे जीवन के अनुभव साझा, देखें Video

 

View this post on Instagram

 

सख़्त लौंडा

A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh) on

अभिभूत रणवीर ने कहा कि उनका स्वतंत्र संगीत लेबल समावेशिता को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है. रणवीर ने कहा, "इंकइंक को कला के माध्यम से समावेशिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच के रूप में बनाया गया है और हम भारतीय साइन लैंग्वेज (आईएसएल) को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा बनाने के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध हैं." उन्होंने आगे कहा, "यह प्रगतिशील कदम शिक्षा से लेकर रोजगार तक, मनोरंजन से लेकर भारत में 1 करोड़ से अधिक बधिर लोगों तक सभी क्षेत्रों में समान पहुंच प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करेगा."

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2020 11:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).