Emergency Review: कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी की भूमिका में डाली जान, 'इमरजेंसी' में भारतीय राजनीति का सजीव चित्रण
Emergency Review (Photo Credits: Manikarnika Films)

Emergency Review: कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'इमरजेंसी' आखिरकार आज यानी 17 जनवरी को रिलीज़ हो चुकी है. यह फिल्म भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन और उनके राजनीतिक सफर को बखूबी चित्रित करती है. खासकर इसमें आपातकाल की घटना को विस्तार से देखने का मौका मिलता है. खास बात यह है कि कंगना ने इस फिल्म में इंदिरा गांधी की भूमिका निभाने के साथ-साथ इसे खुद डायरेक्ट भी किया है. उनकी अदाकारी बेजोड़ है और उन्होंने हर सीन में अपनी जान डाल दी है. पर डायरेक्शन थोड़ा फीका नजर आता है. Azaad Review: 'आजाद' की इमोशनल जर्नी ने छुआ दिल, मगर निर्देशन और स्क्रीनप्ले ने किया निराश!

कहानी का सफर

फिल्म की कहानी इंदिरा गांधी के बचपन से शुरू होती है. निर्देशक ने इंदिरा के स्ट्रेटफॉरवर्ड व्यक्तित्व और उनकी राजनीति में बढ़ती रुचि को बहुत सटीक तरीके से दिखाया है. फिल्म आगे बढ़ते हुए इंदिरा के जीवन के मुख्य क्षणों को दर्शाती है, जैसे असम को टूटने से बचाना, प्रधानमंत्री बनना, पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ना, और बांग्लादेश का निर्माण. कंगना इंदिरा गांधी के राजनीतिक दृढ़ता और निजी जीवन के द्वंद्व को मजबूती के साथ पर्दे पर उतारती हैं. उनका बॉडी लैंग्वेज, इमोशन और संवाद अदायगी प्रभावशाली है.

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सपोर्टिंग कास्ट का दमदार प्रदर्शन

अनुपम खेर ने जयप्रकाश नारायण का किरदार निभाया है, जो पूरी तरह से विश्वसनीय है. श्रेयस तलपड़े ने अटल बिहारी वाजपेयी और मिलिंद सोमन ने सैम मानेकशॉ का किरदार बखूबी निभाया है. इनकी एक्टिंग फिल्म को मजबूती देती है.

कंगना का निर्देशन ढीला

कंगना ने फिल्म का निर्देशन भी खुद किया है, लेकिन यहीं वे थोड़ा मात खाती नजर आती हैं. फिल्म का पहला हाफ तो अच्छा चलता है, लेकिन सेकंड हाफ में कहानी कई जगह धीमी हो जाती है. कुछ सीन्स अनावश्यक लगते हैं, जो कहानी के प्रवाह को रोकते हैं.

कंगना रनौत (Photo Credits: Instagram)

इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व: विरोधाभास

फिल्म में इंदिरा गांधी को शुरुआत में एक सशक्त नेता के रूप में दिखाया गया है. लेकिन बाद में उन्हें विलन के तौर पर पेश किया जाता है और अंत में फिर एक देशभक्त व आध्यात्मिक इंसान के रूप में दिखाया जाता है. यह विरोधाभास दर्शकों को थोड़ा खटक सकता है.

Zee Music Company (Photo Credits: Youtube)

तकनीकी पक्ष और बैकग्राउंड म्यूजिक

फिल्म की डबिंग भी थोड़ी कमजोर नजर आती है. बैकग्राउंड म्यूजिक कई जगह ऐसा लगता है, जैसे वह किसी हॉरर फिल्म से लिया गया हो. इससे फिल्म के गंभीर सीन्स का प्रभाव कम हो जाता है.

निष्कर्ष

'इमरजेंसी' कंगना रनौत की एक दमदार फिल्म है, खासकर उनकी एक्टिंग और इंदिरा गांधी को समझने के लिए. हालांकि, निर्देशन और तकनीकी पहलुओं में फिल्म कमजोर पड़ती है. लेकिन यह फिल्म भारतीय राजनीति के एक ऐतिहासिक अध्याय को करीब से देखने का मौका देती है. कंगना रनौत की एक्टिंग इस फिल्म का सबसे मजबूत पहलू है. फिल्म को 5 में से 3 स्टार.

Rating:3out of 5