BeerBiceps Controversy Video: रणवीर इलाहाबादिया का 'पैरेंट्स को सेक्स करते देखने' वाले सवाल पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर लोगों ने लगाई लताड़

BeerBiceps Controversy Video: रणवीर इलाहाबादिया, जिन्हें BeerBiceps के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर विवादों में हैं. हाल ही में सैमय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में उनकी एक टिप्पणी ने इंटरनेट पर खलबली मचा दी. विवादित सवाल, जो "क्या आप अपने माता-पिता को जीवन भर सेक्स करते देखना पसंद करेंगे - या आप एक बार इसमें शामिल होंगे और इसे हमेशा के लिए बंद कर देंगे?" था, ने लोगों को खासा नाराज कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में रणवीर एक कंटेस्टेंट से यह सवाल पूछते नजर आते हैं. इस दौरान शो के होस्ट और क्रिएटर सैमय रैना ने इसे रोका नहीं, बल्कि इसे मजाक के तौर पर लिया. इस एपिसोड में यूट्यूबर आशीष चंचलानी और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मुखिजा (The Rebel Kid) भी शामिल थे. रणवीर की यह टिप्पणी, विशेषकर उनकी पहले की सेक्स और इंटिमेसी पर की गई बातों के मद्देनजर, लोगों को काफी आपत्तिजनक लगी है. नेटिज़न्स ने सोशल मीडिया पर BeerBiceps को जमकर आड़े हाथों लिया और उनकी टिप्पणी को अश्लील और असंवेदनशील बताया.

इंडियाज गॉट लेटेंट: विवादों का गढ़

सैमय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ अक्सर विवादों में घिरा रहा है. इससे पहले दीपिका पादुकोण के डिप्रेशन पर टिप्पणी या अरुणाचल प्रदेश के लोगों पर किए गए मजाक को लेकर भी शो की कड़ी आलोचना हो चुकी है. लोगों का कहना है कि यह शो कॉमेडी के नाम पर निचले स्तर की अश्लीलता को बढ़ावा दे रहा है.. नेटिज़न्स का यह भी सवाल है कि आखिर ऐसा कौन सा स्तर आ गया है जहां पेरेंट्स की सेक्स लाइफ जैसे विषय पर बातें करना कॉमेडी समझा जाने लगा है. सोशल मीडिया पर BeerBiceps को लेकर लोग बंट गए हैं. एक वर्ग जहां उन्हें सपोर्ट कर रहा है, वहीं अधिकतर लोग उनकी टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा देना गलत है."

लेखक नीलेश मिश्रा ने कुछ गंभीर शब्द कहे हैं

Many people were questioning the current Indian comic scenes

इंटरनेट 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के पिछले विवादों को नहीं भूला

लोगों ने रणवीर के पॉडकास्ट पर उनके कथित नकली व्यक्तित्व को भी उजागर करने में देर नहीं लगाई

और दिन के अंत में, सभी ने सच को सच कहा

इस विवाद ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि भारत में कंटेंट क्रिएटर्स और प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी कहां है. क्या केवल ऑडियंस का मनोरंजन और व्यूज पाना ही लक्ष्य है, या कोई नैतिक सीमा भी होनी चाहिए? रणवीर इलाहाबादिया के सवाल ने यह चर्चा शुरू कर दी है कि भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी किस दिशा में जा रही है.