Urban Company IPO: 1900 करोड़ का आईपीओ लाने जा रही अर्बन कंपनी, निवेशकों के लिए आई अपडेट
Urban Company IPO Update

घरेलू सेवाएं प्रदान करने वाली अर्बन कंपनी (Urban Company) जिसे पहले अर्बनक्लैप (Urban Clap) के नाम से जाना जाता था, वह जल्द ही शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंप दिया है. कंपनी का लक्ष्य है, कि इस आईपीओ (IPO) के जरिए कुल 1,900 करोड़ रुपये जुटाए जाएं. जिसमें से 429 करोड़ रुपये की रकम नई पूंजी के रूप में कंपनी के पास आएगी, जबकि बाकी 1,471 करोड़ रुपये की रकम मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचकर कमाएंगे.

इस आईपीओ से सबसे ज्यादा फायदा कंपनी के शुरुआती निवेशकों को होने जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सेल इंडिया (Excel India), बेसेमर इंडिया (Bessemer India), एलिवेशन कैपिटल (Elevation Capital), टाइगर ग्लोबल (Tiger Global), और वीवाई कैपिटल (VY Capital) जैसे बड़े निवेशकों को अपने शेयर बेचने से काफी लाभ होगा. सबसे ज्यादा फायदा एक्सेल इंडिया को मिलेगा, जो टाइगर ग्लोबल के मुकाबले 16.7 गुना ज्यादा रिटर्न कमाएगा. इसी तरह एलिवेशन कैपिटल को भी 11 गुना अधिक फायदा मिलेगा. ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि सभी निवेशकों ने अलग-अलग कीमतों पर कंपनी के शेयर खरीदे थे. रिपोर्ट्स की माने तो, एक्सेल ने जहां 3.61 रुपये प्रति शेयर में निवेश किया था, वहीं टाइगर ग्लोबल ने 60.25 रुपये प्रति शेयर निवेश किया है.

अर्बन कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने, तकनीकी विकास, विज्ञापन, और भारत व विदेशों में ऑफिस विस्तार में करेगी. कंपनी ने अपने डीआरएचपी में बताया है, कि 190 करोड़ रुपये की रकम कंपनी अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और क्लाउड टेक्नोलॉजी (Cloud Technology) पर खर्च करेगी, ताकि ग्राहकों और सर्विस प्रोवाइडर्स का अनुभव बेहतर बनाया जा सके. वहीं कंपनी 70 करोड़ रुपये का इस्तेमाल भारत और विदेशों में नए ऑफिस खोलने में करेगी, और 80 करोड़ रुपये की रकम डिजिटल, ओटीटी (OTT) और बाहरी विज्ञापन अभियानों में लगाएगी. कंपनी बाकी राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतें और कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करेगी.

पिछले कुछ वर्षों में अर्बन कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ा है. कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022 में 437.6 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 828 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इतना ही नहीं, कंपनी ने 2024 के पहले नौ महीनों में घाटे से उबरते हुए 242.3 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) भी कमाया है, हालांकि इसमें 215 करोड़ रुपये का टैक्स क्रेडिट (Tax Credit) भी शामिल है. टैक्स क्रेडिट को हटाने पर लाभ की वास्तविकता थोड़ी कम हो जाती है. इसके अलावा, कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 2,564 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है, जो कि वित्त वर्ष 2022 से 70% अधिक है. अर्बन कंपनी के पास अब 5.8 मिलियन ग्राहक हैं, और 46,000 से अधिक सक्रिय सर्विस प्रोवाइडर्स उससे जुड़े हुए हैं.

हालांकि कंपनी का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है, लेकिन डीआरएचपी में कुछ चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने माना है, कि भविष्य में मुनाफा तय नहीं है. अर्बन कंपनी का बिज़नेस मॉडल गिग वर्कर्स यानी फ्रीलांस सर्विस प्रोवाइडर्स (Freelance Service Providers) पर आधारित है, जो एक बड़ी जोखिम हो सकती है. इसके अलावा, सेवा की गुणवत्ता को बनाए रखना, नए बाजारों में कानूनी अड़चनें, और कर्मचारियों को दिए जाने वाले शेयर (ESOP) के कारण शेयर होल्डिंग में होने वाली कमी भी संभावित जोखिमों में शामिल हैं.

अर्बन कंपनी का आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है, बल्कि कंपनी के विस्तार की योजनाओं को भी मजबूती देगा. हालांकि, इसमें निवेश करने से पहले संभावित जोखिमों को समझना और बाजार की स्थिति का विश्लेषण करना जरूरी होगा.