Stocks To Buy or Sell Today, March 12, 2026: विप्रो, टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर; बाजार में उतार-चढ़ाव के संकेत
बुधवार की भारी गिरावट के बाद गुरुवार, 12 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता रहने की उम्मीद है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच विप्रो, ओएनजीसी और टाटा मोटर्स जैसे शेयर आज चर्चा में रहेंगे.
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Stocks To Buy or Sell Today, March 12, 2026: भारतीय इक्विटी बाजारों (Indian Equity Markets) में गुरुवार, 12 मार्च को भारी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. बुधवार को बाजार (Market) में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशक अब संभलकर कदम उठा रहे हैं. सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) की रिपोर्ट के अनुसार, आज विप्रो (Wipro), अशोक लेलैंड (Ashok Leyland), टाटा मोटर्स (Tata Motors) और ओएनजीसी (ONGC) जैसी कंपनियों के शेयर निवेशकों और ट्रेडर्स के रडार पर रहेंगे.
बता दें कि बुधवार को वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बीएसई सेंसेक्स 1,300 अंक से अधिक टूट गया था, जबकि निफ्टी 23,850 के स्तर के पास बंद हुआ था. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा 6,200 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है. यह भी पढ़ें: Sensex Update Today: ईरान पर हमलों के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,100 अंक टूटा; निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबे
इन शेयरों में दिख सकती है हलचल
विप्रो लिमिटेड (Wipro)
बुधवार की गिरावट के बावजूद विप्रो निफ्टी के उन चुनिंदा शेयरों में शामिल था जो बढ़त के साथ बंद हुए. क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवीजन में बेहतर डील पाइपलाइन की खबरों से इस आईटी दिग्गज को मजबूती मिली है. आज यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विप्रो तकनीकी क्षेत्र पर दबाव के बावजूद अपनी बढ़त बरकरार रख पाता है या नहीं.
अशोक लेलैंड (Ashok Leyland)
कमर्शियल वाहन निर्माता अशोक लेलैंड पर भी आज नजर रहेगी. कंपनी अपनी सहायक इकाई 'स्विच मोबिलिटी' के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में आक्रामक विस्तार कर रही है. कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन सुरक्षा को लेकर कंपनी की रणनीति पर निवेशकों की नजर है.
टाटा मोटर्स (Tata Motors)
पिछले सत्र में लगभग 3% की गिरावट के बाद टाटा मोटर्स आज फिर सुर्खियों में रहेगा. कंपनी के पैसेंजर और ईवी सेगमेंट की बारीकी से निगरानी की जा रही है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक के लिए ₹325-₹340 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन साबित हो सकता है.
ओएनजीसी (ONGC)
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंचने से ओएनजीसी को सीधा फायदा होने की उम्मीद है. वैश्विक तेल कीमतों में उछाल से तेल अन्वेषण कंपनियों को बेहतर मुनाफा होता है. हालांकि, निवेशक संभावित 'विंडफॉल टैक्स' (Windfall Tax) के प्रभाव को लेकर भी सतर्क हैं.
बाजार के लिए मुख्य चुनौतियां
वर्तमान में बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव है. जहां एक ओर तेल अन्वेषण कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से लाभान्वित हो रही हैं, वहीं तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है. निवेशक अब सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों में संशोधन या उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में बदलाव से जुड़ी किसी भी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं.
(डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी न्यूज़ रिपोर्ट पर आधारित है और इसे इन्वेस्टमेंट सलाह नहीं माना जा सकता है. स्टॉक में इन्वेस्ट करने में रिस्क होता है. LatestLY अपने रीडर्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.)
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2026 11:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

