Silver Rate Today, March 30, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार, 30 मार्च 2026 को चांदी की कीमतों में मामूली नरमी देखी गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण घरेलू स्तर पर चांदी के दाम नीचे आए हैं. 'गुड रिटर्न्स' के ताजा आंकड़ों के अनुसार, खुदरा बाजार में चांदी की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 2,44,900 रुपये पर आ गई है. पिछले एक महीने के उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों के बीच अब सावधानी भरा रुख देखा जा रहा है.
घरेलू बाजार में आज के खुदरा भाव
आज सुबह के कारोबार में देश के अधिकांश हिस्सों में चांदी के दाम स्थिर लेकिन गिरावट के साथ दर्ज किए गए. स्थानीय मांग और परिवहन लागत के कारण कुछ शहरों में मामूली अंतर संभव है. आज के मानक भाव इस प्रकार हैं: यह भी पढ़े: Silver Rate Today, March 29, 2026: भारी उतार-चढ़ाव के बाद चांदी की कीमतों में स्थिरता, जानें Delhi, Mumbai समेत अन्य बड़े शहरों में आज के ताज़ा रेट
- प्रति ग्राम चांदी: 244.90 रुपये.
- प्रति 10 ग्राम चांदी: 2,449 रुपये.
- प्रति 100 ग्राम चांदी: 24,490 रुपये.
- प्रति किलोग्राम चांदी: 2,44,900 रुपये.
प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें (30 मार्च, 2026)
चेन्नई और हैदराबाद जैसे उच्च मांग वाले केंद्रों में कीमतें राष्ट्रीय औसत से थोड़ी अधिक दर्ज की गई हैं:
| शहर | चांदी की कीमत (प्रति किलो) |
| दिल्ली / मुंबई | 2,44,900 रुपये |
| चेन्नई / हैदराबाद | 2,49,900 रुपये |
| बेंगलुरु / कोलकाता | 2,44,900 रुपये |
| अहमदाबाद / पुणे | 2,44,900 रुपये |
| केरल | 2,49,900 रुपये |
वैश्विक दबाव और मुद्रा का प्रभाव
घरेलू कीमतों में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बाद आई है, जहां वैश्विक हाजिर चांदी (International Spot Silver) लगभग 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.50 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण अन्य मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया) के लिए चांदी खरीदना महंगा हो गया है. इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने निवेशकों का ध्यान सरकारी बॉन्ड जैसे संपत्तियों की ओर खींचा है.
औद्योगिक मांग बनाम निवेश
सोने के विपरीत, चांदी की कीमतें काफी हद तक औद्योगिक मांग पर निर्भर करती हैं. सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण क्षेत्रों में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जहां निवेश की मांग फिलहाल स्थिर है, वहीं औद्योगिक खपत चांदी की कीमतों को एक मजबूत आधार प्रदान कर रही है.
आगे की राह
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन (31 मार्च) के करीब होने के कारण बाजार में खुदरा गतिविधि स्थिर रहने की उम्मीद है. निवेशक और उपभोक्ता नए वित्त वर्ष से पहले अपने पोर्टफोलियो को संतुलित कर रहे हैं. इस सप्ताह के अंत में आने वाले अमेरिकी रोजगार के आंकड़े और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बदलाव बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.













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