जरुरी जानकारी | सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली गिरावट, आरआईएल करीब दो प्रतिशत टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख से घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मामूली गिरावट आयी। तेल एवं गैस, धातु और वाहन शेयरों में गिरावट से मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
मुंबई, 30 दिसंबर ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख से घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मामूली गिरावट आयी। तेल एवं गैस, धातु और वाहन शेयरों में गिरावट से मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
मासिक वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के निपटान के अंतिम दिन तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 12.17 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,794.32 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 14 शेयर नुकसान में रहे जबकि 16 में तेजी रही।
इसी प्रकार, एनएसई निफ्टी 9.65 अंक यानी 0.06 प्रतिशत के नाममात्र नुकसान के साथ 17,203.95 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 शेयरों में से 27 नुकसान में रहे।
विश्लेषकों के अनुसार साल समाप्ति से पहले निवेशक गतिविधियां कम होने से हल्के कारोबार के बीच शेयर बाजार सीमित दायरे में रहे।
सेंसेक्स के शेयरों में करीब दो प्रतिशत की गिरावट के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज सर्वाधिक नुकसान में रही। इसके अलावा टाटा स्टील 1.34 प्रतिशत, मारुति सुजूकी 0.82 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.63 प्रतिशत नीचे आये। सन फार्मा और भारतीय स्टेट बैंक भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी (3.13 प्रतिशत), एचसीएल टेक (1.94 प्रतिशत), टाइटन (1.85 प्रतिशत), इंडसइंड बैंक (1.74 प्रतिशत), विप्रो और डा. रेड्डीज शामिल हैं।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘मासिक वायदा एवं विकल्प खंड में सौदे के निपटान के अंतिम दिन बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुख के साथ घरेलू बाजार में शुरूआत कमजोर रही।’’
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि सौदे के मासिक निपटान के अंतिम दिन बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। आईटी तथा स्वास्थ्य कंपनियों के शेयरों में तेजी रही।
वैश्विक स्तर पर मिला-जुला रुख रहा। निवेशक बढ़ती मुद्रास्फीति के बीच तीसरे लहर को देखते हुए सतर्क हैं।
नायर के अनुसार, ‘‘बैंक शेयर खासकर दबाव में रहे। इसका कारण रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट है। इसमें कहा गया है कि बैंकों का फंसा कर्ज (एनपीए) सामान्य परिदृश्य में सितंबर 2022 में बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो सकता है जो सितंबर 2021 में 6.9 प्रतिशत था।’’
एशिया के अन्य बाजारों में चीन में शंघाई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में मिला-जुला रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.68 प्रतिशत घटकर 78.69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 975.23 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2021 05:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

