Manimahesh Yatra 2025: हिमाचल प्रदेश के चंबा के हादसे में 16 श्रद्धालुओं की मौत, मणिमहेश यात्रा में शामिल हजारों को किया रेस्क्यू, लगातार बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा जिले (Chamba District) में बारिश के कारण मणिमहेश यात्रा (Mani Mahesh Yatra) में भी आपदा आ गई है. बताया जा रहा है की अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही हजारों लोगों को रेस्क्यू (Rescue) किया गया है.
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Manimahesh Yatra 2025: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा जिले (Chamba District) में बारिश के कारण मणिमहेश यात्रा (Mani Mahesh Yatra) में भी आपदा आ गई है. बताया जा रहा है की अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही हजारों लोगों को रेस्क्यू (Rescue) किया गया है.हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आयोजित मणिमहेश यात्रा 2025 प्राकृतिक आपदाओं (Natural Disasters) के साये में संपन्न हुई.चंबा के उपायुक्त (Deputy Commissioner) मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान 16 श्रद्धालुओं की जान गई, जबकि हजारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.यात्रा के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बेहद खराब हो गए.
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में से 7 श्रद्धालु मणिमहेश कैलाश परिक्रमा के दौरान मारे गए, जबकि 9 अन्य अलग-अलग स्थानों पर अपनी जान गंवा बैठे.ये भी पढ़े:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और … – Latest Tweet by IANS Hindi
पारंपरिक राज स्नान को करना पड़ा रद्द
हर साल राधा अष्टमी (Radha Ashtami) के अवसर पर मणिमहेश दल झील में पारंपरिक राज स्नान होता है. लेकिन इस बार खराब मौसम के चलते यह आयोजन झील में संभव नहीं हो पाया और इसे चंबा स्थित 84 मंदिर परिसर में संपन्न कराया गया.
हजारों श्रद्धालुओं को किया गया रेस्क्यू
लगातार बारिश और भूस्खलन (Landslide) के कारण प्रशासन को यात्रा समय से पहले रोकनी पड़ी. इस फैसले के चलते करीब 15,000 श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर फंस गए. एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मुश्किल हालात में मणिमहेश दल झील से हरसल और फिर भरमौर तक हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित पहुंचाया.
पैदल यात्रा करके पहुंचे श्रद्धालु
खराब सड़कों और टूटे रास्तों के बावजूद 10,000 से अधिक श्रद्धालु पैदल चलते हुए कलसूई तक पहुंचे, जहां से उन्हें चंबा (Chamba), पठानकोट (Pathankot) और जम्मू तक बसों और स्थानीय वाहनों से भेजा गया.31 अगस्त की शाम तक करीब 50 श्रद्धालु हर्षिल ट्रैक पर गौरीकुंड (Gaurikund) के पास फंसे हुए थे, जिन्हें राहत दल, पुलिस, मेडिकल स्टाफ और लंगर समितियों की मदद से सुरक्षित लाया जा रहा है. इसी दौरान भरमौर में मौजूद लगभग 4,000 यात्री धीरे-धीरे चंबा की ओर रवाना हो रहे हैं.
प्रशासन ने की लोगों से अपील
उपायुक्त (Deputy Commissioner) चंबा मुकेश रेपस्वाल और पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पैदल मार्गों और राहत कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने श्रद्धालुओं (Devotees) और आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया या अन्य स्रोतों पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें, बल्कि केवल प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें. उन्होंने कहा की ,'हमारी टीमें हर प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच चुकी हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मदद हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कृपया अफवाहों से दूर रहें और केवल प्रशासन की जानकारी पर विश्वास करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2025 02:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

