देश

VIDEO: केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल लेकिन इमरान खान पर साधी चु्प्पी! पाकिस्तानी पत्रकार ने अमेरिका से पूछा सवाल, जाने क्या बोला US

हाल ही में अमेरिका के विदेश विभाग ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जबकि पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर चुप्पी साधे रखी.

VIDEO: केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल लेकिन इमरान खान पर साधी चु्प्पी! पाकिस्तानी पत्रकार ने अमेरिका से पूछा सवाल, जाने क्या बोला US

हाल ही में अमेरिका के विदेश विभाग ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जबकि पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर चुप्पी साधे रखी.  इस पर सवाल उठने पर अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि वह इस 'विशेषण' से सहमत नहीं हैं और चाहते हैं कि पाकिस्तान में सभी के साथ कानून के अनुसार व्यवहार किया जाए.

इसके बाद, एक पाकिस्तानी मूल के पत्रकार ने अमेरिका से पूछा कि वह भारतीय विपक्ष की तरह पाकिस्तानी विपक्ष का समर्थन क्यों नहीं करता है. इस सवाल पर अमेरिकी प्रवक्ता असहज दिखाई दिए और स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे.

इस घटना से अमेरिका की पाकिस्तान और भारत के प्रति दोहरी नीति की पोल खुलती नजर आ रही है. एक तरफ अमेरिका भारत में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी पर चिंता जताता है, वहीं पाकिस्तान में ऐसी ही स्थिति पर चुप्पी साधे रखता है.

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर क्या बोला अमेरिका

अमेरिका कहा था कि केजरीवाल के मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के बयान को अवांछित और अस्वीकार्य करार दिया

विदेश मंत्रालय ने कहा, "अमेरिका के बयान पर भारत पहले ही आपत्ति जता चुका है. उसका ताजा बयान अवांछनीय है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. भारत में न्याय प्रणाली स्वतंत्र है." विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "किसी भी तरह से हमारी संप्रभुता में दखलअंदाज़ी स्वीकार्य नहीं है. भारत को अपने लोकतांत्रिक संस्थानों पर गर्व है.".

इस दोहरेपन के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

रणनीतिक हित: अमेरिका के लिए पाकिस्तान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर अफगानिस्तान के मामले में। इसलिए वह पाकिस्तान सरकार को नाराज नहीं करना चाहता.

आतंकवाद: पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के कारण अमेरिका को पाकिस्तान सरकार के साथ सहयोग की आवश्यकता है.

लोकतंत्र का स्तर: भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जबकि पाकिस्तान में सेना का दबदबा है. इसलिए अमेरिका को भारत में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अधिक मुखर होने की आवश्यकता महसूस होती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2024 08:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).