अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी नसीहत, कहा- अगर दूतावास में कुछ हुआ तो बहुत बुरा होगा, इसे धमकी समझे
ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच पैदा हुए तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. नए साल की शुरुवात में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को को धमकी दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर लिखा है कि ईरान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी अगर अमेरिकी दूतावास के किसी सदस्य को कुछ हुआ तो. उन्होंने लिखा कि दूतावास में कई जवान हमारे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं. वहीं अमेरिकी दूतावास को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने इराक के राष्ट्रपति बरहम सालेह का शुक्रिया अभी किया है. प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को यहां कड़ी सुरक्षा वाले अमेरिकी दूतावास परिसर की बाहरी दीवार को तोड़ दिया था. प्रदर्शनकारी हवाई हमलों के दौरान ईरान समर्थक लड़ाकों के मारे जाने से गुस्से में थे. ट्रंप ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी.
वाशिंग्टन:- ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच पैदा हुए तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. नए साल की शुरुवात में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को को धमकी दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर लिखा है कि ईरान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी अगर अमेरिकी दूतावास के किसी सदस्य को कुछ हुआ तो. उन्होंने लिखा कि दूतावास में कई जवान हमारे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं. वहीं अमेरिकी दूतावास को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने इराक के राष्ट्रपति बरहम सालेह का शुक्रिया अभी किया है. प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को यहां कड़ी सुरक्षा वाले अमेरिकी दूतावास परिसर की बाहरी दीवार को तोड़ दिया था. प्रदर्शनकारी हवाई हमलों के दौरान ईरान समर्थक लड़ाकों के मारे जाने से गुस्से में थे. ट्रंप ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी.
बता दें कि अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित आतंकवादी समूह के खिलाफ हवाई हमले किए जिसमें 25 लड़ाके मारे गए थे. यह हमला तब किया गया है जब दो दिन पहले एक रॉकेट हमले में अमेरिका का एक असैन्य ठेकेदार मारा गया था. अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने एक दिन पहले कहा था कि वाशिंगटन ने ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया को निशाना बनाकर सैन्य हमले किए हैं. जिसके बाद दर्शनकारियों ने अमेरिका के दूतावास को घेर लिया था और बाहरी बाड़ में आग लगा दी थी.
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गौरतलब हो कि चीन, रूस और ईरान की सेनाओं के बीच हुई सहमति के मुताबिक तीनों देशों का संयुक्त समुद्री अभ्यास 27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक अमान की खाड़ी में किया. रूस जैसे देश का ईरान के साथ युद्ध अभ्यास करना अपने आप में कई इशारे करता है. ईरान ने किसी भी देश द्वारा सीरिया में एक बफर जोन (मध्यवर्ती क्षेत्र) बनाने का विरोध किया है. ईरान क्षेत्रीय देशों में किसी भी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करता है और क्षेत्रीय देशों को कमजोर करने और विघटित करने के लिए किसी भी क्रूरता, आक्रामकता और भूखंडों का विरोध करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2020 09:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

