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Smriti Jain Private Video: 'स्मृति जैन' के नाम से प्रसारित लिंक हो सकते हैं साइबर फ्रॉड, रहें सावधान

सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर 'स्मृति जैन वायरल वीडियो' के नाम से शेयर किए जा रहे संदिग्ध लिंक्स साइबर धोखाधड़ी का जरिया हो सकते हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से यूजर्स का निजी डेटा चोरी हो सकता है और वे वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं.

Smriti Jain Private Video: 'स्मृति जैन' के नाम से प्रसारित लिंक हो सकते हैं साइबर फ्रॉड, रहें सावधान
प्रतीकात्मक तस्वीर

इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों 'स्मृति जैन' के नाम से एक कथित आपत्तिजनक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस सर्च ट्रेंड का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में फर्जी और संदिग्ध लिंक्स प्रसारित करना शुरू कर दिया है. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अधिकांश लिंक्स 'फिशिंग' या 'मालवेयर' का हिस्सा हो सकते हैं. इनका मुख्य उद्देश्य वीडियो दिखाने के बहाने लोगों को गुमराह करना और उनके स्मार्टफोन या कंप्यूटर में वायरस इंस्टॉल करना है.

फिशिंग और डेटा चोरी का गंभीर खतरा

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन अज्ञात लिंक्स के पीछे एक सोची-समझी साजिश हो सकती है. जब कोई यूजर इन लिंक्स पर क्लिक करता है, तो उसे अक्सर किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है. वहां यूजर्स से वीडियो देखने के लिए कोई अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने को कहा जाता है. इस प्रक्रिया को साइबर सुरक्षा की भाषा में 'फिशिंग' कहा जाता है, जिसके जरिए उपभोक्ताओं के फेसबुक, इंस्टाग्राम या गूगल अकाउंट के पासवर्ड आसानी से हैक कर लिए जाते हैं.

स्मार्टफोन हैक होने और वित्तीय नुकसान की आशंका

इन भ्रामक लिंक्स का उपयोग केवल सोशल मीडिया अकाउंट्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंक धोखाधड़ी का कारण भी बन सकता है. कई मामलों में, इन लिंक्स पर क्लिक करते ही बैकग्राउंड में कुछ खतरनाक वायरस (Malware) अपने आप डाउनलोड हो जाते हैं. ये मालवेयर आपके फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स, ओटीपी (OTP) और पर्सनल मैसेज को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे यूजर्स को बड़ा वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है. इस प्रकार के स्कैम को 'क्लिकबैट' कहा जाता है, जहां किसी सनसनीखेज खबर या वीडियो का लालच देकर यूजर्स को जाल में फंसाया जाता है.

अज्ञात लिंक्स से बचने के लिए क्या करें

साइबर क्राइम सेल और तकनीकी विशेषज्ञों ने इंटरनेट यूजर्स के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सोशल मीडिया या किसी भी अनजान मैसेजिंग ग्रुप में आए ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पूरी तरह बचें. यदि कोई लिंक आपको किसी अनधिकृत ऐप को इंस्टॉल करने के लिए कहे, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें. किसी भी ट्रेंडिंग विवाद या वायरल वीडियो को खोजने के चक्कर में असुरक्षित वेबसाइट्स पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे ईमेल आईडी, फोन नंबर या पासवर्ड कभी दर्ज न करें.

अवैध कंटेंट का प्रसार भी है कानूनी अपराध

इस मामले का एक कानूनी पहलू यह भी है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत भारत में किसी भी प्रकार के अश्लील, निजी या आपत्तिजनक कंटेंट को देखना, डाउनलोड करना या उसे आगे शेयर करना एक गंभीर कानूनी अपराध है. यदि कोई यूजर इस तरह के वीडियो के लिंक दूसरों को फॉरवर्ड करता है, तो वह भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है. इसलिए, किसी भी साइबर फ्रॉड से बचने और कानूनी पचड़ों से दूर रहने के लिए ऐसे डिजिटल ट्रेंड्स से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 06, 2026 10:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).